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सुविधा: अभ्यर्थी खुद तय कर सकेंगे ड्राइविंग टेस्ट की तिथि और समय; उप मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन; जानें
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 23 Apr 2026 10:05 AM IST
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सार
बुधवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश के पहले ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उद्घाटन किया। अब अभ्यर्थी स्वयं अपनी सुविधा अनुसार ड्राइविंग टेस्ट की तिथि और समय निर्धारित कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का लोकार्पण करते उप मुख्यमंत्री।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली के रोड़ा में नौ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश को तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष ड्राइविंग टेस्ट प्रणाली मिल गई है। अभ्यर्थी स्वयं अपनी सुविधा अनुसार ड्राइविंग टेस्ट की तिथि और समय निर्धारित कर सकेंगे।
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हालांकि, वर्तमान में पुरानी व्यवस्था भी समानांतर रूप से जारी रहेगी। मुकेश ने परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया और आरटीओ के इलेक्ट्रिक वाहन में बैठकर ट्रैक का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि यह ऑटोमेटिड ट्रैक ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाएगा। मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का सटीक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। सेंसर आधारित पूरे ट्रैक में अत्याधुनिक कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से हर गतिविधि की निगरानी रहेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिसर उत्तर भारत का अपनी तरह का इकलौता ऑटोमेटिड टेस्टिंग ट्रैक और ट्रैफिक पार्क है। यहां भविष्य में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। लोगों की सुविधा के लिए यहां वेटिंग एरिया और भवन का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह परिसर डिजिटाइज्ड तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करने की व्यवस्था के अलावा स्कूली बच्चों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। यहां उन्हें ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति व्यावहारिक जानकारी भी मिलेगी।
अगले चरण में यहां बसों और ट्रकों के लिए भी टेस्टिंग सुविधा विकसित की जाएगी। इस ट्रैक में छोटे वाहनों के लिए 'एस', '8' और 'एच' ट्रैक, पैरलल पार्किंग, जंक्शन ड्राइविंग तथा ढलान पर वाहन संचालन जैसे विभिन्न परीक्षण शामिल किए गए हैं।

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