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Una News: एक कमरे में चल रहीं आठ कक्षाएं, सिद्ध चलेहड़ स्कूल में पढ़ाई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 18 May 2026 04:48 AM IST
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जर्जर भवन के कारण नर्सरी से पांचवीं तक के 30 बच्चे एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर
बच्चों के अभिभावकों ने नए कमरे बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिद्ध चलेहड़ में शिक्षा व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। स्कूल की जर्जर इमारत के चलते नर्सरी से पांचवीं तक की सभी कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित की जा रही हैं। करीब 30 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार विभाग ने पुराने भवन को असुरक्षित घोषित कर उसके उपयोग पर रोक लगा दी है। वर्तमान में केवल एक कमरा सुरक्षित है, जहां सभी कक्षाएं लगाई जा रही हैं। स्कूल में एक मुख्य अध्यापिका और एक जेबीटी अध्यापिका सीमित संसाधनों में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों के एक ही कमरे में बैठने से बच्चों का ध्यान भटक रहा है और शिक्षकों के लिए अनुशासन बनाए रखना भी चुनौती बन गया है। खासकर छोटी कक्षाओं के बच्चों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुनीता शर्मा ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग जर्जर अवस्था में होने के कारण विभाग ने उसे इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मजबूरीवश एक ही कमरे में सभी कक्षाएं लगाई जा रही हैं। विद्यालय में कम से कम तीन नए कमरों का निर्माण करवाना अत्यंत आवश्यक है।
क्या कहना है एसएमसी का
स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान शमीम बीबी और अभिभावक नेहा देवी ने कहा कि प्राथमिक स्तर की शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। ऐसे में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की मांग की है।
कोट
सिद्ध चलेहड़ स्कूल में कमरों की कमी का मामला विभाग के ध्यान में है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। नए कमरों के निर्माण का बजट जारी होते ही कार्य शुरु करवाया जाएगा।
-सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा
बच्चों के अभिभावकों ने नए कमरे बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिद्ध चलेहड़ में शिक्षा व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। स्कूल की जर्जर इमारत के चलते नर्सरी से पांचवीं तक की सभी कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित की जा रही हैं। करीब 30 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार विभाग ने पुराने भवन को असुरक्षित घोषित कर उसके उपयोग पर रोक लगा दी है। वर्तमान में केवल एक कमरा सुरक्षित है, जहां सभी कक्षाएं लगाई जा रही हैं। स्कूल में एक मुख्य अध्यापिका और एक जेबीटी अध्यापिका सीमित संसाधनों में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
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अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों के एक ही कमरे में बैठने से बच्चों का ध्यान भटक रहा है और शिक्षकों के लिए अनुशासन बनाए रखना भी चुनौती बन गया है। खासकर छोटी कक्षाओं के बच्चों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुनीता शर्मा ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग जर्जर अवस्था में होने के कारण विभाग ने उसे इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मजबूरीवश एक ही कमरे में सभी कक्षाएं लगाई जा रही हैं। विद्यालय में कम से कम तीन नए कमरों का निर्माण करवाना अत्यंत आवश्यक है।
क्या कहना है एसएमसी का
स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान शमीम बीबी और अभिभावक नेहा देवी ने कहा कि प्राथमिक स्तर की शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। ऐसे में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की मांग की है।
कोट
सिद्ध चलेहड़ स्कूल में कमरों की कमी का मामला विभाग के ध्यान में है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। नए कमरों के निर्माण का बजट जारी होते ही कार्य शुरु करवाया जाएगा।
-सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा