सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Wheat crop is being sold door to door, relief from the hassle of markets

Una News: घर-द्वार बिक रही गेहूं की फसल, मंडियों के चक्कर से मिलेगी निजात

संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 18 May 2026 04:58 AM IST
विज्ञापन
Wheat crop is being sold door to door, relief from the hassle of markets
विज्ञापन
2550 रुपये प्रति क्विंटल तक व्यापारी कर रहे किसानों से खरीद


जिले में 2585 रुपये प्रति क्विंटल है गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य

कम पैदावार के बावजूद किसानों की निकली लागत, बाजार भाव मजबूत

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले में इस बार गेहूं की पैदावार अपेक्षा के अनुसार नहीं रही, लेकिन किसानों को फसल के अच्छे दाम मिलने से काफी राहत मिली है। निजी व्यापारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से सीधे गेहूं खरीद रहे हैं। जिले में व्यापारी 2550 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीद रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार की ओर से इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। एमएसपी से मामूली कम कीमत मिलने के बावजूद किसान इसे फायदे का सौदा मान रहे हैं, क्योंकि उन्हें घर-द्वार पर ही फसल बेचने की सुविधा मिल रही है।
जानकारी के अनुसार जिले में सरकारी खरीद सीमित होने के कारण निजी व्यापारी किसानों से सीधे संपर्क कर रहे हैं। खरीदी गई गेहूं को बड़े उद्योगों, आटा मिलों और दाना मंडियों में भेजा जा रहा है। किसानों का कहना है कि पहले फसल बेचने के लिए मंडियों तक जाना पड़ता था, जिससे वाहन किराया, मजदूरी और समय की अतिरिक्त लागत लगती थी। अब व्यापारी गांवों में पहुंचकर खरीद कर रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों राजेश कुमार, सुरेंद्रपाल, अजय कुमार, रमन सैनी, अनिल कुमार और राकेश स्याल ने बताया कि इस बार मौसम की मार के कारण गेहूं की पैदावार प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का असर फसल पर देखने को मिला। इसके बावजूद खुले बाजार में अच्छे दाम मिलने से किसानों की लागत निकल आई है और उन्हें आर्थिक राहत महसूस हो रही है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में गेहूं की मांग लगातार बढ़ रही है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बड़े उद्योगों और आटा मिलों में गेहूं की मांग मजबूत बनी हुई है, जिसके चलते बाजार भाव ऊंचे बने हुए हैं।

किसान फसल बेचते समय तौल और भुगतान संबंधी सभी प्रक्रियाओं में सावधानी बरतें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. प्रेम ठाकुर, उपनिदेशक जिला कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed