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Una News: दोहरे हाउस टैक्स की वसूली से उद्यमियों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 30 Apr 2026 06:53 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा में चुनावी सरगर्मियां धीरे धीरे तेज हो रही हैं। स्थानीय नगर परिषद के वार्ड नंबर एक का ज्यादातर क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र है। लिहाजा स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं को प्रमुखता से उजागर करके उन्हें हल करवाने के लिए पार्षद की बहुत बड़ी भूमिका रहती है।
वार्ड नंबर एक में उद्यमियों की सबसे बड़ी समस्या दोहरे हाउस टैक्स की वसूली है। जिसका आज दिन तक कोई हल नहीं हो पाया है।
हालांकि यह समस्या स्थानीय नगर परिषद की बैठकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की विधानसभा तक जोर-जोर से गूंजती रही है लेकिन आज तक किसी ने भी स्थानीय उद्यमियों की समस्या का हल करने को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई है। यही कारण है कि यह मुद्दा हर चुनाव में प्रमुखता से उठता रहा है। स्थानीय उद्योगपतियों ने नगर परिषद में अपनी भागीदारी को प्रमुखता से निभाया है लेकिन दोहरी टैक्स की वसूली के मसले को हल करवाने को लेकर कामयाब नहीं हो पाए हैं। इस बार भी यह मुद्दा चुनाव लड़ रहे भाजपा तथा कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के समक्ष निश्चित तौर पर किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।
उद्योगपतियों की इस समस्या को हल करवाने के लिए राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों के लिए इस मसले को हल करवाना बहुत बड़ी चुनौती है। इस वार्ड के उद्योगपति इस प्रमुख मुद्दे को लेकर एक दफा तो नगर परिषद के चुनावों का बहिष्कार तक कर चुके हैं।
नगर परिषद से एनओसी लेते समय उद्यमियों को अपना बकाया हाउस टैक्स पहले चुकता करना पड़ता है। बाद में उन्हें एनओसी जारी किया जाता है। वार्ड एक में ही बिजली आपूर्ति को लेकर भी उद्यमियों की अक्सर शिकायत रहती है, जिसे दुरुस्त करने को लेकर हालांकि विभागीय स्तर पर काफी कार्य भी हुआ है।
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वार्ड नंबर एक में उद्यमियों की सबसे बड़ी समस्या दोहरे हाउस टैक्स की वसूली है। जिसका आज दिन तक कोई हल नहीं हो पाया है।
हालांकि यह समस्या स्थानीय नगर परिषद की बैठकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की विधानसभा तक जोर-जोर से गूंजती रही है लेकिन आज तक किसी ने भी स्थानीय उद्यमियों की समस्या का हल करने को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई है। यही कारण है कि यह मुद्दा हर चुनाव में प्रमुखता से उठता रहा है। स्थानीय उद्योगपतियों ने नगर परिषद में अपनी भागीदारी को प्रमुखता से निभाया है लेकिन दोहरी टैक्स की वसूली के मसले को हल करवाने को लेकर कामयाब नहीं हो पाए हैं। इस बार भी यह मुद्दा चुनाव लड़ रहे भाजपा तथा कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के समक्ष निश्चित तौर पर किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।
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उद्योगपतियों की इस समस्या को हल करवाने के लिए राजनीतिक दलों के समर्थित प्रत्याशियों के लिए इस मसले को हल करवाना बहुत बड़ी चुनौती है। इस वार्ड के उद्योगपति इस प्रमुख मुद्दे को लेकर एक दफा तो नगर परिषद के चुनावों का बहिष्कार तक कर चुके हैं।
नगर परिषद से एनओसी लेते समय उद्यमियों को अपना बकाया हाउस टैक्स पहले चुकता करना पड़ता है। बाद में उन्हें एनओसी जारी किया जाता है। वार्ड एक में ही बिजली आपूर्ति को लेकर भी उद्यमियों की अक्सर शिकायत रहती है, जिसे दुरुस्त करने को लेकर हालांकि विभागीय स्तर पर काफी कार्य भी हुआ है।
