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Una News: मिनी स्टेडियम कागजों में, असुविधाओं से जूझता मैदान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:08 AM IST
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राहुल
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ग्राउंड रिपोर्ट
पूर्व भाजपा सरकार में करीब 1.33 करोड़ रुपये की आकलन रिपोर्ट तैयार कर भेजी थी
सरकार बदलने के बाद कोई ठोस प्रगति न होने से खिलाड़ी परेशान
सोहन चौधरी
ऊना। नगर परिषद संतोषगढ़ के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम में बदलने का कार्य केवल कागजों में ही हुआ है। धरातल पर मैदान असुविधाओं से जूझ रहा है और खिलाड़ी परेशान हैं। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 1.33 करोड़ रुपये की आकलन रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी, लेकिन यह फाइल आज भी शिमला कार्यालय में लंबित पड़ी है।
सरकार बदलने के बाद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति न होने से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं में निराशा का माहौल है। जिले में प्रशासन ने सामर्थ्य अभियान को गति देकर अनेक खेल मैदानों पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन संतोषगढ़ की बड़ी आबादी और खिलाड़ियों का भविष्य तय करने वाला यह मैदान इस अभियान से भी अछूता रहा है। हालांकि योजना के तहत संतोषगढ़ के खेल मैदान का व्यापक कायाकल्प किया जाना था। इसमें मैदान का समतलीकरण, हॉकी मैदान का जीर्णोद्धार, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और हैंडबॉल के लिए आधुनिक कोर्ट्स का निर्माण प्रस्तावित था।
इसके साथ ही बैडमिंटन कोर्ट, एक मंच और दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ीनुमा व्यवस्था भी विकसित की जानी थी। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद इन कार्यों की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यदि यह मिनी स्टेडियम बन जाता तो उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलतीं और वे जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाते। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने सरकार से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति देकर कार्य शुरू किया जाए। विधायक सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। वर्तमान में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा है। पूर्व सरकार के कार्य पर ठप पड़े है। इनमें संतोषगढ़ का मैदान भी शामिल है।
बाक्स
खेल मैदान समय रहते विकसित करने की दिशा में प्रशासन को पहल करनी चाहिए ताकि युवाओं को मैदान होने का सही मायने में फायदा मिल सके। दवेंद्र, युवा
बाक्स
आधे अधूरे छोड़ गए प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए संबंधित विभाग की जबावदेही तय होना चाहिए और युवाओं के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। इस ओर सरकार को समय रहते ध्यान देना चाहिए। -दलजीत, युवा
प्रदेश में सरकारों की आपसी खिंचातानी का युवा वर्ग हर मोर्चे पर शिकार होता आया है। युवाओं को दिशा देने के लिए खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मैदान का समय रहते जीर्णेाद्धार किया जाना समय की मांग है।- राहुल, युवा
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पूर्व भाजपा सरकार में करीब 1.33 करोड़ रुपये की आकलन रिपोर्ट तैयार कर भेजी थी
सरकार बदलने के बाद कोई ठोस प्रगति न होने से खिलाड़ी परेशान
सोहन चौधरी
ऊना। नगर परिषद संतोषगढ़ के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम में बदलने का कार्य केवल कागजों में ही हुआ है। धरातल पर मैदान असुविधाओं से जूझ रहा है और खिलाड़ी परेशान हैं। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 1.33 करोड़ रुपये की आकलन रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी, लेकिन यह फाइल आज भी शिमला कार्यालय में लंबित पड़ी है।
सरकार बदलने के बाद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति न होने से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं में निराशा का माहौल है। जिले में प्रशासन ने सामर्थ्य अभियान को गति देकर अनेक खेल मैदानों पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन संतोषगढ़ की बड़ी आबादी और खिलाड़ियों का भविष्य तय करने वाला यह मैदान इस अभियान से भी अछूता रहा है। हालांकि योजना के तहत संतोषगढ़ के खेल मैदान का व्यापक कायाकल्प किया जाना था। इसमें मैदान का समतलीकरण, हॉकी मैदान का जीर्णोद्धार, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और हैंडबॉल के लिए आधुनिक कोर्ट्स का निर्माण प्रस्तावित था।
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इसके साथ ही बैडमिंटन कोर्ट, एक मंच और दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ीनुमा व्यवस्था भी विकसित की जानी थी। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद इन कार्यों की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यदि यह मिनी स्टेडियम बन जाता तो उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलतीं और वे जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाते। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने सरकार से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द से जल्द स्वीकृति देकर कार्य शुरू किया जाए। विधायक सतपाल सिंह सत्ती का कहना है कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। वर्तमान में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा है। पूर्व सरकार के कार्य पर ठप पड़े है। इनमें संतोषगढ़ का मैदान भी शामिल है।
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खेल मैदान समय रहते विकसित करने की दिशा में प्रशासन को पहल करनी चाहिए ताकि युवाओं को मैदान होने का सही मायने में फायदा मिल सके। दवेंद्र, युवा
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आधे अधूरे छोड़ गए प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए संबंधित विभाग की जबावदेही तय होना चाहिए और युवाओं के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। इस ओर सरकार को समय रहते ध्यान देना चाहिए। -दलजीत, युवा
प्रदेश में सरकारों की आपसी खिंचातानी का युवा वर्ग हर मोर्चे पर शिकार होता आया है। युवाओं को दिशा देने के लिए खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मैदान का समय रहते जीर्णेाद्धार किया जाना समय की मांग है।- राहुल, युवा

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