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Una News: सिंचित क्षेत्रों में गेहूं की फसल पर बारिश का खतरा
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रविवार और सोमवार को मौसम खराब रहने के हैं आसार
कई खेतों में जलभराव जैसे हालात, फसल के पीले पड़ने का खतरा
अगर दोबारा बारिश हुई तो पैदा होंगे चिंताजनक हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की फसल के लिए अब बारिश वरदान के बजाय चुनौती बनती जा रही है। मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को मौसम खराब रहने तथा दोबारा बारिश की संभावना जताए जाने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। लगातार नमी और संभावित बारिश के कारण खेतों में जलभराव जैसे हालात बन गए हैं, जिससे फसल के पीले पड़ने और जड़ सड़न का खतरा बढ़ गया है।
किसानों के अनुसार कई इलाकों खासकर सिंचाई सुविधा संपन्न क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा हो गया है या नमी की मात्रा आवश्यकता से अधिक बनी हुई है। यदि इसी तरह दोबारा बारिश होती है तो फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक समय तक खेतों में पानी भरा रहने से गेहूं की बढ़वार रुक जाती है और दाने कमजोर रह जाते हैं, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है।
गैर सिंचित इलाकों में हालात सामान्य
वहीं, जिन गैर सिंचित इलाकों में पहले फसल को लेकर खतरा बना हुआ था, वहां अब स्थिति पहले से बेहतर है। आने वाले दिनों में बारिश होने पर भी इन क्षेत्रों में फसल के प्रभावित होने की आशंका कम है। इसका मुख्य कारण यह है कि बारिश से पहले सिंचित इलाकों में नियमित सिंचाई हो रही थी, जबकि गैर सिंचित इलाकों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। वर्तमान में जमीन में नमी की मात्रा सामान्य बनी हुई है, जिससे वहां बारिश होने की स्थिति में भी फसल पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसानों अभिषेक कुमार, राहुल कुमार, रविपाल, रोहित कुमार सहित अन्य ने बताया कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द थमे, ताकि मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल सुरक्षित रह सके। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम ने फिर करवट ली और बारिश का दौर लंबा चला तो जिले में गेहूं की पैदावार को लेकर हालात चिंताजनक हो सकते हैं।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि बारिश की स्थिति में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें और जहां संभव हो, नालियां खोलें, ताकि फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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कई खेतों में जलभराव जैसे हालात, फसल के पीले पड़ने का खतरा
अगर दोबारा बारिश हुई तो पैदा होंगे चिंताजनक हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की फसल के लिए अब बारिश वरदान के बजाय चुनौती बनती जा रही है। मौसम विभाग की ओर से रविवार और सोमवार को मौसम खराब रहने तथा दोबारा बारिश की संभावना जताए जाने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। लगातार नमी और संभावित बारिश के कारण खेतों में जलभराव जैसे हालात बन गए हैं, जिससे फसल के पीले पड़ने और जड़ सड़न का खतरा बढ़ गया है।
किसानों के अनुसार कई इलाकों खासकर सिंचाई सुविधा संपन्न क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा हो गया है या नमी की मात्रा आवश्यकता से अधिक बनी हुई है। यदि इसी तरह दोबारा बारिश होती है तो फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक समय तक खेतों में पानी भरा रहने से गेहूं की बढ़वार रुक जाती है और दाने कमजोर रह जाते हैं, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ता है।
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गैर सिंचित इलाकों में हालात सामान्य
वहीं, जिन गैर सिंचित इलाकों में पहले फसल को लेकर खतरा बना हुआ था, वहां अब स्थिति पहले से बेहतर है। आने वाले दिनों में बारिश होने पर भी इन क्षेत्रों में फसल के प्रभावित होने की आशंका कम है। इसका मुख्य कारण यह है कि बारिश से पहले सिंचित इलाकों में नियमित सिंचाई हो रही थी, जबकि गैर सिंचित इलाकों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। वर्तमान में जमीन में नमी की मात्रा सामान्य बनी हुई है, जिससे वहां बारिश होने की स्थिति में भी फसल पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसानों अभिषेक कुमार, राहुल कुमार, रविपाल, रोहित कुमार सहित अन्य ने बताया कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द थमे, ताकि मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल सुरक्षित रह सके। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम ने फिर करवट ली और बारिश का दौर लंबा चला तो जिले में गेहूं की पैदावार को लेकर हालात चिंताजनक हो सकते हैं।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि बारिश की स्थिति में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें और जहां संभव हो, नालियां खोलें, ताकि फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
