{"_id":"697626fb6f7ea0f93c083a52","slug":"swachh-bharat-mission-is-being-flouted-in-behad-jaswan-una-news-c-93-1-una1002-179539-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: बेहड़ जसवां में स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रहीं धज्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: बेहड़ जसवां में स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रहीं धज्जियां
विज्ञापन
विज्ञापन
पड़ताल
विद्यालय परिसर में फैली गंदगी, व्यवस्थाओं पर सवाल हुए खड़े
जल ही जीवन अभियान की भी हो रही अनदेखी
विजय कपिला
बडूही (ऊना)। उपमंडल अंब के अंतर्गत स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बेहड़ जसवां में स्वच्छ भारत मिशन और जल ही जीवन अभियान की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। विद्यालय परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था न केवल सरकारी अभियानों की साख पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यहां अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन रही है।
विद्यालय के साइंस ब्लॉक के समीप लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे दुर्गंध फैल रही है। कूड़े के कारण मक्खियों, मच्छरों और अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अब तक इन कूड़े के ढेरों की न तो नियमित सफाई करवाई गई और न ही इनके वैज्ञानिक निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है।
साइंस ब्लॉक के साथ लगे नल टूटे और क्षतिग्रस्त होने के कारण लगातार पानी बह रहा है, जिससे प्रतिदिन भारी मात्रा में पेयजल व्यर्थ हो रहा है। एक ओर सरकार जल ही जीवन अभियान के तहत जल संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी शिक्षण संस्थान में इस प्रकार की जल बर्बादी प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
साइंस ब्लॉक के समीप गंदे पानी का खुला नाला भी है, जिसमें हमेशा पानी जमा रहता है। यह नाला दुर्गंध फैलाने के साथ-साथ मच्छरों के पनपने का केंद्र बन चुका है। विद्यालय में लगभग 305 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीण राम कर्म चंद ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो कूड़ा हटाया गया और न ही नाले की सफाई हुई। बच्चों का इसी रास्ते से आना-जाना होता है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहती है।
गांव के निवासी रिटायर्ड कमांडो संजीव कुमार ने कहा कि बरसात में नाले का गंदा पानी सड़क तक आ जाता है। बदबू और मच्छरों के कारण यहां खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधानाचार्य सपना ठाकुर ने कहा कि यह समस्या मेरे ध्यान में है। हर सप्ताह कूड़ा जलाया जाता है, लेकिन इस बार किसी कारणवश ऐसा नहीं हो पाया। जल्द ही इसका स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत प्रधान नील कुमारी ने बताया कि सड़क पर पुली बंद होने के कारण गंदे नाले का पानी ठीक से निकासी नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में सड़क निर्माण विभाग से बात की गई है और जल्दी ही स्थायी समाधान किया जाएगा।
-
Trending Videos
विद्यालय परिसर में फैली गंदगी, व्यवस्थाओं पर सवाल हुए खड़े
जल ही जीवन अभियान की भी हो रही अनदेखी
विजय कपिला
बडूही (ऊना)। उपमंडल अंब के अंतर्गत स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बेहड़ जसवां में स्वच्छ भारत मिशन और जल ही जीवन अभियान की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। विद्यालय परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था न केवल सरकारी अभियानों की साख पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि यहां अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन रही है।
विद्यालय के साइंस ब्लॉक के समीप लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे दुर्गंध फैल रही है। कूड़े के कारण मक्खियों, मच्छरों और अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अब तक इन कूड़े के ढेरों की न तो नियमित सफाई करवाई गई और न ही इनके वैज्ञानिक निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साइंस ब्लॉक के साथ लगे नल टूटे और क्षतिग्रस्त होने के कारण लगातार पानी बह रहा है, जिससे प्रतिदिन भारी मात्रा में पेयजल व्यर्थ हो रहा है। एक ओर सरकार जल ही जीवन अभियान के तहत जल संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी शिक्षण संस्थान में इस प्रकार की जल बर्बादी प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
साइंस ब्लॉक के समीप गंदे पानी का खुला नाला भी है, जिसमें हमेशा पानी जमा रहता है। यह नाला दुर्गंध फैलाने के साथ-साथ मच्छरों के पनपने का केंद्र बन चुका है। विद्यालय में लगभग 305 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीण राम कर्म चंद ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो कूड़ा हटाया गया और न ही नाले की सफाई हुई। बच्चों का इसी रास्ते से आना-जाना होता है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहती है।
गांव के निवासी रिटायर्ड कमांडो संजीव कुमार ने कहा कि बरसात में नाले का गंदा पानी सड़क तक आ जाता है। बदबू और मच्छरों के कारण यहां खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधानाचार्य सपना ठाकुर ने कहा कि यह समस्या मेरे ध्यान में है। हर सप्ताह कूड़ा जलाया जाता है, लेकिन इस बार किसी कारणवश ऐसा नहीं हो पाया। जल्द ही इसका स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत प्रधान नील कुमारी ने बताया कि सड़क पर पुली बंद होने के कारण गंदे नाले का पानी ठीक से निकासी नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में सड़क निर्माण विभाग से बात की गई है और जल्दी ही स्थायी समाधान किया जाएगा।
-