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Una News: गगरेट में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना अब भी अधूरा
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दो वर्ष बाद भी नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पाया सिविल अस्पताल
ग्राउंड रिपोर्ट
गगरेट के सिविल अस्पताल का कार्य पूर्ण होने की बाट जोह रहे स्थानीय लोग
80 फीसदी कार्य हो चुका है पूरा, बजट न होने से कार्य में हो रही देरी
मोर्चेरी सहित लगभग 50 बेड का बनेगा आधुनिक अस्पताल
विवेक शर्मा
गगरेट (ऊना)। पंजाब से सटे गगरेट क्षेत्र के लोगों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना अभी तक साकार नहीं हो पाया है। नागरिक अस्पताल गगरेट दो वर्षों का लंबा इंतजार बीत जाने के बावजूद नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है और आज भी पुराने व छोटे भवन में ही संचालित हो रहा है।
वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से जिस नए अस्पताल भवन का शिलान्यास किया गया था, उसका निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह चार मंजिला अस्पताल भवन क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ माना जा रहा है। नए भवन में 50 बेड, लिफ्ट सुविधा, आधुनिक चिकित्सीय उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सक, ब्लड बैंक, शवगृह (मोर्चरी), अल्ट्रासाउंड, लैब, एक्स-रे, ईसीजी, माइनर व मेजर ऑपरेशन थिएटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त मरीजों, उनके तीमारदारों और चिकित्सकों के लिए कैंटीन व सिटिंग एरिया की व्यवस्था भी की जानी है। लेकिन, वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने भवन की सीमित क्षमता के कारण अस्पताल में मात्र 20 बेड ही लगाए जा सके हैं। जगह की कमी के चलते कई आधुनिक मशीनें अब तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, जिससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि पुराना अस्पताल भवन पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के कार्यकाल का है, जो अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकना आम समस्या बन गई है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक राजेश ठाकुर के प्रयासों से नए भवन के लिए बजट स्वीकृत हुआ था और विधिवत शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। विभाग के अनुसार भवन में लिफ्ट स्थापना, बिजली फिटिंग तथा खिड़की-दरवाजों का कार्य अभी शेष है। इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है। सरकार की ओर से समय पर बजट उपलब्ध न करवाए जाने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। हालांकि, विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान अस्पताल भवन के लोकार्पण की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो गगरेट सहित आसपास के हजारों लोगों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
बॉक्स
गगरेट सिविल अस्पताल का कार्य जल्द पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाएगा। अधिकतर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। बजट मिलते ही शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -दिनेश जसवाल, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी
बॉक्स
गगरेट में निर्माणाधीन अस्पताल भवन का कार्य पिछले दो वर्षों से लगभग बंद पड़ा है। सरकार को जल्द बजट का प्रावधान करना चाहिए, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। -अरविंद चक्रवर्ती, गगरेट
पंजाब सीमा पर बन रहा गगरेट का सिविल अस्पताल बजट के अभाव में अधूरा है। लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस वर्ष इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा। -मुनीश ठाकुर, अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह क्लब, गगरेट
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गगरेट के सिविल अस्पताल का कार्य पूर्ण होने की बाट जोह रहे स्थानीय लोग
80 फीसदी कार्य हो चुका है पूरा, बजट न होने से कार्य में हो रही देरी
मोर्चेरी सहित लगभग 50 बेड का बनेगा आधुनिक अस्पताल
विवेक शर्मा
गगरेट (ऊना)। पंजाब से सटे गगरेट क्षेत्र के लोगों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना अभी तक साकार नहीं हो पाया है। नागरिक अस्पताल गगरेट दो वर्षों का लंबा इंतजार बीत जाने के बावजूद नए भवन में शिफ्ट नहीं हो सका है और आज भी पुराने व छोटे भवन में ही संचालित हो रहा है।
वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से जिस नए अस्पताल भवन का शिलान्यास किया गया था, उसका निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह चार मंजिला अस्पताल भवन क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ माना जा रहा है। नए भवन में 50 बेड, लिफ्ट सुविधा, आधुनिक चिकित्सीय उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सक, ब्लड बैंक, शवगृह (मोर्चरी), अल्ट्रासाउंड, लैब, एक्स-रे, ईसीजी, माइनर व मेजर ऑपरेशन थिएटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त मरीजों, उनके तीमारदारों और चिकित्सकों के लिए कैंटीन व सिटिंग एरिया की व्यवस्था भी की जानी है। लेकिन, वर्तमान स्थिति यह है कि पुराने भवन की सीमित क्षमता के कारण अस्पताल में मात्र 20 बेड ही लगाए जा सके हैं। जगह की कमी के चलते कई आधुनिक मशीनें अब तक स्थापित नहीं हो पाई हैं, जिससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि पुराना अस्पताल भवन पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के कार्यकाल का है, जो अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकना आम समस्या बन गई है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक राजेश ठाकुर के प्रयासों से नए भवन के लिए बजट स्वीकृत हुआ था और विधिवत शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। विभाग के अनुसार भवन में लिफ्ट स्थापना, बिजली फिटिंग तथा खिड़की-दरवाजों का कार्य अभी शेष है। इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है। सरकार की ओर से समय पर बजट उपलब्ध न करवाए जाने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। हालांकि, विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान अस्पताल भवन के लोकार्पण की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो गगरेट सहित आसपास के हजारों लोगों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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गगरेट सिविल अस्पताल का कार्य जल्द पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाएगा। अधिकतर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। बजट मिलते ही शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -दिनेश जसवाल, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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गगरेट में निर्माणाधीन अस्पताल भवन का कार्य पिछले दो वर्षों से लगभग बंद पड़ा है। सरकार को जल्द बजट का प्रावधान करना चाहिए, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। -अरविंद चक्रवर्ती, गगरेट
पंजाब सीमा पर बन रहा गगरेट का सिविल अस्पताल बजट के अभाव में अधूरा है। लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस वर्ष इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा। -मुनीश ठाकुर, अध्यक्ष, शहीद भगत सिंह क्लब, गगरेट