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Una News: छुट्टियों में भी नहीं थमी सीखने की धुन
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:42 AM IST
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नारी (ऊना)। जहां एक ओर स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं और अधिकांश शिक्षक व विद्यार्थी अवकाश का आनंद ले रहे हैं, वहीं राजकीय प्राथमिक पाठशाला हरोली के एक शिक्षक अपनी अनूठी पहल से बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे हैं। विद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार छुट्टियों के दौरान भी विद्यार्थियों को हारमोनियम, तबला और ढोलकी बजाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
एक जून से 30 जून तक चल रही ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बीच बच्चे पूरे उत्साह के साथ स्कूल पहुंचकर संगीत की बारीकियां सीख रहे हैं। उन्हें सुरों की पहचान, वाद्य यंत्रों के संचालन और प्रार्थना सभा में संगीत प्रस्तुति देने का अभ्यास करवाया जा रहा है।
विद्यालय में चल रहे इस प्रयास से बच्चों में संगीत के प्रति रुचि बढ़ रही है। साथ ही उनका आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और मंच पर प्रस्तुति देने का कौशल भी विकसित हो रहा है। शिक्षकों का मानना है कि संगीत बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास में अहम भूमिका निभाता है तथा इससे पढ़ाई के प्रति भी उनकी रुचि बढ़ती है।
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शिक्षक की इस पहल की स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सराहना की है। उनका कहना है कि छुट्टियों में भी बच्चों को नई कला सिखाने का यह प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
उधर, उप शिक्षा निदेशक (एलिमेंट्री) ऊना सोमलाल धीमान ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में कई शिक्षक विभिन्न प्रतिभाओं के धनी हैं, जो शिक्षक लीक से हटकर कार्य करता है, उसकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम अवश्य सामने आता है।
एक जून से 30 जून तक चल रही ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बीच बच्चे पूरे उत्साह के साथ स्कूल पहुंचकर संगीत की बारीकियां सीख रहे हैं। उन्हें सुरों की पहचान, वाद्य यंत्रों के संचालन और प्रार्थना सभा में संगीत प्रस्तुति देने का अभ्यास करवाया जा रहा है।
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विद्यालय में चल रहे इस प्रयास से बच्चों में संगीत के प्रति रुचि बढ़ रही है। साथ ही उनका आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और मंच पर प्रस्तुति देने का कौशल भी विकसित हो रहा है। शिक्षकों का मानना है कि संगीत बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास में अहम भूमिका निभाता है तथा इससे पढ़ाई के प्रति भी उनकी रुचि बढ़ती है।
शिक्षक की इस पहल की स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सराहना की है। उनका कहना है कि छुट्टियों में भी बच्चों को नई कला सिखाने का यह प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
उधर, उप शिक्षा निदेशक (एलिमेंट्री) ऊना सोमलाल धीमान ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में कई शिक्षक विभिन्न प्रतिभाओं के धनी हैं, जो शिक्षक लीक से हटकर कार्य करता है, उसकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम अवश्य सामने आता है।