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Una News: भीख मांगते तीन बच्चे किए रेस्क्यू
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परिजनों को सौंपकर दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ऊना ने बुधवार को रेड लाइट चौक के पास विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम को तीन बच्चे अपनी माता के साथ भीख मांगते हुए मिले। इस पर कार्रवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक रीना, पर्यवेक्षक आशी और केस वर्कर चंचल व कौशल मौके पर पहुंचे। तीनों बच्चों को मौके से रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। इसके अलावा बाल कल्याण समिति को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद मौके पर ही बच्चों के पिता को बुलाया गया। इस दौरान कागजी कार्यवाही पूर्ण कर तीनों बच्चों को पिता के सुपुर्द किया गया। मामले को लेकर पिता को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाई जाए। किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 76 के तहत बच्चों से भीख मंगवाना अपराध है। इसमें पांच वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। समन्वयक रीना ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्राथमिकता है। सुपरवाइजर आशी ने बताया कि परिवार की नियमित काउंसलिंग और फॉलोअप किया जाएगा ताकि बच्चे दोबारा भीख मांगने को मजबूर न हों। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई ने अपील की है कि बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या शोषण का कोई भी मामला दिखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ऊना ने बुधवार को रेड लाइट चौक के पास विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम को तीन बच्चे अपनी माता के साथ भीख मांगते हुए मिले। इस पर कार्रवाई करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक रीना, पर्यवेक्षक आशी और केस वर्कर चंचल व कौशल मौके पर पहुंचे। तीनों बच्चों को मौके से रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने बन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। इसके अलावा बाल कल्याण समिति को भी मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद मौके पर ही बच्चों के पिता को बुलाया गया। इस दौरान कागजी कार्यवाही पूर्ण कर तीनों बच्चों को पिता के सुपुर्द किया गया। मामले को लेकर पिता को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में बच्चों से भिक्षावृत्ति न करवाई जाए। किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 76 के तहत बच्चों से भीख मंगवाना अपराध है। इसमें पांच वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। समन्वयक रीना ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्राथमिकता है। सुपरवाइजर आशी ने बताया कि परिवार की नियमित काउंसलिंग और फॉलोअप किया जाएगा ताकि बच्चे दोबारा भीख मांगने को मजबूर न हों। इस दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई ने अपील की है कि बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या शोषण का कोई भी मामला दिखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।