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Una News: सिलाई के हुनर से आत्मनिर्भर बनीं ऊना की वीरपाल कौर
Tue, 18 Aug 2026 08:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:33 AM IST
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ऊना। मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास के दम पर ऊना की वीरपाल कौर पिछले करीब 20 वर्षों से घर पर सिलाई का काम कर रही हैं। पिता से मिली प्रेरणा को उन्होंने अपनी मेहनत का आधार बनाया और आज वह विभिन्न प्रकार के डिजाइन तैयार कर हर महीने करीब 22 से 25 हजार रुपये तक की आमदनी कर रही हैं।
वीरपाल कौर सिंपल सूट, फ्रॉक, अम्ब्रेला, पाकिस्तानी, प्लाजो और पंजाबी सूट सहित कई तरह के आकर्षक डिजाइनदार सूट सिलती हैं। उनके हाथों का हुनर आसपास के क्षेत्र में लोगों द्वारा पसंद किया जाता है और इसी के चलते उन्हें लगातार काम मिलता रहता है। उन्होंने इस काम को केवल शौक तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे अपनी आजीविका का जरिया बनाया। घर की जिम्मेदारियों के साथ मेहनत करते हुए उन्होंने अपने हुनर को निखारा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं। सबसे खास बात यह है कि वीरपाल कौर ने अपनी मेहनत की कमाई और संघर्ष के बीच अपने दोनों बेटों की अच्छी परवरिश और पढ़ाई करवाई। आज उनके दोनों बेटे शिक्षा हासिल करने के बाद निजी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं। बेटों की सफलता को वीरपाल कौर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानती हैं। वीरपाल कौर की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो घर की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाना चाहती हैं। उन्होंने साबित किया है कि अगर मेहनत और लगन हो तो घर से ही काम शुरू कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है और परिवार का भविष्य भी संवारा जा सकता है।
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वीरपाल कौर सिंपल सूट, फ्रॉक, अम्ब्रेला, पाकिस्तानी, प्लाजो और पंजाबी सूट सहित कई तरह के आकर्षक डिजाइनदार सूट सिलती हैं। उनके हाथों का हुनर आसपास के क्षेत्र में लोगों द्वारा पसंद किया जाता है और इसी के चलते उन्हें लगातार काम मिलता रहता है। उन्होंने इस काम को केवल शौक तक सीमित नहीं रखा बल्कि इसे अपनी आजीविका का जरिया बनाया। घर की जिम्मेदारियों के साथ मेहनत करते हुए उन्होंने अपने हुनर को निखारा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं। सबसे खास बात यह है कि वीरपाल कौर ने अपनी मेहनत की कमाई और संघर्ष के बीच अपने दोनों बेटों की अच्छी परवरिश और पढ़ाई करवाई। आज उनके दोनों बेटे शिक्षा हासिल करने के बाद निजी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं। बेटों की सफलता को वीरपाल कौर अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानती हैं। वीरपाल कौर की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो घर की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाना चाहती हैं। उन्होंने साबित किया है कि अगर मेहनत और लगन हो तो घर से ही काम शुरू कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है और परिवार का भविष्य भी संवारा जा सकता है।
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