Wayanad Landslide: मां का एक ही सवाल...कब आएगा मेरा राहुल, वायनाड में लापता हुए इंजीनियर का सुराग नहीं
राहुल शर्मा वायनाड में बतौर इंजीनियर सेवाएं दे रहे थे। मां बार-बार एक ही सवाल पूछ रही हैं कि मेरा राहुल कब आएगा। बेटे की याद में उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
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वायनाड के निथर क्षेत्र में भूस्खलन के बाद रिवालसर निवासी इंजीनियर राहुल शर्मा और कांगड़ा के फतेहपुर निवासी विक्रम लापता चल रहे हैं। तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया है। राहत एवं बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं। राहुल शर्मा वायनाड में बतौर इंजीनियर सेवाएं दे रहे हैं। मां बार-बार एक ही सवाल पूछ रही हैं कि मेरा राहुल कब आएगा। बेटे की याद में उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक मां की बेचैनी कम नहीं हो रही। घटनास्थल पर राहुल के पिता और मामा भी पहुंच चुके हैं। उनकी पत्नी पहले से वहीं मौजूद हैं और बचाव अभियान की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
राहुल के घर में सन्नाटा
राहुल के मामा रामवीर ने बताया कि मलबे से चार से पांच लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन राहुल समेत कुछ अन्य लापता लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। राहुल का छोटा भाई भी दुबई से घर लौट रहा है। मार्च में ही राहुल का विवाह पूरे उत्साह और खुशियों के बीच हुआ है। पत्नी घटनास्थल पर पति के मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रही है। राहुल की बहन की आंखें भी नम हैं। आने वाले रक्षाबंधन का जिक्र होते ही वह भावुक हो जाती हैं।
पत्नी रंजना देवी पति के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठी हैं। उनका बेटा हिमांश इन दिनों पेरिस में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी विशाखा राणा चंडीगढ़ में एमएससी एग्रीकल्चर की छात्रा हैं। विक्रम के भाई कुलवंत सिंह ने बताया कि वे दोनों भाई वायनाड पहुंच चुके हैं, जहां रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रधान परमजीत धालीवाल ने विक्रम के लापता होने की पुष्टि की है।