Parliamentary Meeting: आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाएगी सेना, रक्षा मंत्रालय के साथ संसदीय समिति की बैठक आज
रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक बुधवार को संसद भवन परिसर में होगी। भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की आत्मनिर्भरता, आधुनिकीकरण और बदलाव की समीक्षा की जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक बुधवार को दोपहर 3 बजे नई दिल्ली स्थित संसद भवन के संलग्न परिसर में होने की संभावना है। जिसमें रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) के परिवर्तन पर चर्चा की जाएगी।
समिति की अध्यक्षता कौन कर रहा है?
इस समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में रक्षा मंत्रालय/डीपीएसयू के प्रतिनिधियों द्वारा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) की आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण की समीक्षा पुराने डीपीएसयू' विषय पर एक संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी।
24 जून को, रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने 'देश की रक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की भूमिका' पर वरिष्ठ रक्षा और सेना अधिकारियों के विचार सुने। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और नामित सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ शामिल थे। समिति ने रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों से मौखिक साक्ष्य सुने।
2 जुलाई को क्या हुआ?
इससे पहले 2 जुलाई को, वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के प्रतिनिधियों के साथ भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी), जिसे डिजिटल रुपया के नाम से जाना जाता है। उसकी प्रगति का आकलन करने के लिए एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की थी।
यह बैठक क्यों अहम थी?
यह बैठक ऐसे समय में अहम है जब भारत वित्तीय नवाचार को प्रोत्साहित करने और मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि आरबीआई अपनी संप्रभु डिजिटल मुद्रा के लिए पायलट परियोजनाओं का लगातार विस्तार कर रहा है, लेकिन निजी तौर पर जारी की गई क्रिप्टोकरेंसी और अन्य आभासी डिजिटल संपत्तियां नियामक, कराधान और प्रवर्तन संबंधी चुनौतियां पेश करती रहती हैं।