Maharashtra: हमले के बाद केडीएमसी अस्पताल के डॉक्टरों ने की हड़ताल, जानें शिवसेना पार्षद ने क्या दी सफाई?
कल्याण-डोंबिवली के केडीएमसी अस्पताल में महिला डॉक्टरों और नर्सों से कथित बदसलूकी के आरोपों पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने हाथ उठाने से इनकार किया। वहीं, इस घटना के विरोध में डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
कल्याण-डोंबिवली के केडीएमसी अस्पताल में महिला डॉक्टरों और नर्सों से कथित बदसलूकी के आरोपों पर शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने हाथ उठाने से इनकार किया। वहीं, इस घटना के विरोध में डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
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शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने बुधवार को कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम (केडीएमसी) के एक अस्पताल में महिला डॉक्टरों और नर्सों पर कथित हमले के सभी दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में एंगल के कारण ऐसा दिख सकता है। म्हात्रे ने जोर देकर कहा कि उन्होंने अस्पताल के दौरे के दौरान किसी भी मेडिकल स्टाफ पर हाथ नहीं उठाया। इसके साथ ही शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है।
पार्षद ने क्या कहा?
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए शिवसेना पार्षद ने घटना पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा 'मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि मैंने महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया। सीसीटीवी फुटेज में जो दिख रहा है, वह कैमरे के एंगल के कारण हो सकता है। मैं उन्हें अनौपचारिक रूप से (तू कहकर) संबोधित करता हूं क्योंकि वे मेरे लिए बेटी के समान हैं।
'हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया'
मुझे यह भी नहीं पता कि वे विवाहित हैं या नहीं। हमारी बातचीत के दौरान, वे फोन पर बात करती रहीं और हमारी शिकायत नहीं सुन रही थीं; इसलिए मैंने उनके हाथ पर हल्का सा मारा। हम बालासाहेब की शिक्षाओं से प्रेरित हैं। हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया है, और न ही भविष्य में कभी ऐसा करेंगे। यह घटना अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों के कारण हुई। हम उन कमियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। जिन व्यक्तियों ने मुझे वहां जाने के लिए प्रेरित किया। वे पूरी घटना के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। जिन लोगों ने मुझे फोन किया था। उन्होंने मेरे फोन का जवाब नहीं दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैं घटनास्थल पर पहुंचा।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक पोस्ट में शिंदे ने कहा, 'कल्याण- डोम्बिवली नगर निगम (केडीएमसी) के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों पर हुआ हमला अत्यंत निंदनीय है। स्वयं एक डॉक्टर होने के नाते, मैं जानता हूं कि रोगी सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानवता की सेवा है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
हालांकि, विपक्ष ने शिवसेना के पार्षद के आचरण को लेकर उसकी जमकर आलोचना की है और आरोप लगाया है कि पार्टी सत्ता के नशे में चूर थी। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे का अस्पताल में गुंडागर्दी करना। बेड की अनुपलब्धता के कारण मरीज की सुरक्षा के लिए दूसरे अस्पताल जाने की चिकित्सकीय सलाह देने वाली महिला डॉक्टर, नर्सों और कर्मचारियों के खिलाफ हाथ उठाने की हिम्मत करना - यह सत्ता के नशे के बिना नहीं हो सकता।'
मंत्री भोयर ने क्या कहा?
इस मामले में महाराष्ट्र के मंत्री डॉ. पंकज राजेश भोयर ने कहा, 'पुलिस विभाग इस मामले में मिली शिकायत की जांच कर रहा है। जिन हालात में जन-प्रतिनिधि ने ऐसा व्यवहार किया, उनकी समीक्षा की जाएगी और अस्पताल की स्थिति की भी जांच होगी, क्योंकि आम नागरिक अक्सर अपनी शिकायतें लेकर या मुद्दों को उठाने के लिए जन-प्रतिनिधियों के पास जाते हैं और कभी-कभी बात बिगड़ जाती है। मारपीट को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता। इसीलिए जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
वहीं, भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कहा, 'मेरा मानना है कि कोई भी चुना हुआ प्रतिनिधि चाहे किसी भी पार्टी का हो, अस्पताल में इस तरह का व्यवहार सही नहीं है। अगर हालात खराब हैं या कुप्रबंधन है, तो उसे ठीक करने के सही तरीके हैं। मारपीट करना इसका समाधान नहीं है।'