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CRPF: 'सीआरपीएफ' में दूसरे साल भी समर चेन ट्रांसफर पर रोक, गत वर्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' के चलते नहीं हुए थे तबादले

Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:56 PM IST
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Ban on Summer Chain Transfers in CRPF Continues for a Second Year
CRPF - फोटो : Amar Ujala
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देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में लगातार दूसरे साल 'समर चेन ट्रांसफर' पर रोक लगा दी गई है। पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के चलते तबादलों पर रोक लगाई गई थी। इस बार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कारण 3.25 लाख की संख्या वाले बल 'सीआरपीएफ' में ट्रांसफर प्रक्रिया को 15 मई तक स्थगित किया गया है। जितने भी कार्मिकों या एग्जीक्यूटिव अधिकारियों का तबादला हुआ है, उन्हें रिलीव नहीं किया जाएगा। ये आदेश बल मुख्यालय की तरफ से गुरुवार को जारी किए गए हैं। 

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बता दें कि अप्रैल और मई में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए बड़े पैमाने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को चुनावी राज्यों में ड्यूटी पर भेजा गया है। सीआरपीएफ में समर चेन ट्रांसफर (एससीटी) प्रक्रिया हर साल मार्च में पूरी हो जाती है। जिन कार्मिकों या अधिकारियों का तबादला होता है, उन्हें 31 मार्च तक रिलीव कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया 'संतोष' सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरी होती है। 
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पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान परिचालन आवश्यकताओं के कारण स्थानांतरण पर रोक लगा दी गई थी। सभी कार्मिकों को अपने वर्तमान स्थान पर बने रहने का निर्देश दिया गया। इसके चलते केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में भी ट्रांसफर आदेशों को रोक दिया गया था। ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जो उक्त आदेश के जारी होने तक रिलीव नहीं हुए थे, उन्हें आगामी आदेशों तक अपने पहले वाले स्थान पर ही रहने के लिए कहा गया। 

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