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CISF: रणनीतिक रूप से संवेदनशील 'दरभंगा' हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ तैनात, बिहार में विमानन सुरक्षा होगी मजबूत
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 14 May 2026 04:29 PM IST
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ)
- फोटो : अमर उजाला
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दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा का दायित्व औपचारिक रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपा गया है। गुरुवार को हवाई अड्डा परिसर में एक समारोह आयोजित किया गया। यह उत्तर बिहार में विमानन सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तैनाती के साथ ही दरभंगा देश का 72वां हवाई अड्डा बन गया है, जिसे सीआईएसएफ की सुरक्षा प्राप्त हुई है। 'पटना' और 'गया' के बाद यह बिहार का तीसरा हवाई अड्डा है, जो अब सीआईएसएफ के सुरक्षा घेरे में आ गया है।
हवाई अड्डे पर विशेषज्ञ एवं प्रौद्योगिकी आधारित विमानन सुरक्षा प्रदान करने के प्रथम चरण में कुल 145 सीआईएसएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। दरभंगा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह तैनाती रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हवाई अड्डा 729 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है। यहां पर सीमा पार के खतरों, तस्करी नेटवर्क तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों जैसी उभरती सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
दरभंगा हवाई अड्डा, भारतीय वायुसेना स्टेशन के परिसर में एक सिविल एन्क्लेव के रूप में संचालित होता है, जिससे यहां एक उच्च प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञ विमानन सुरक्षा बल की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। सीआईएसएफ यहां एक व्यापक एवं बहु-स्तरीय सुरक्षा ढांचा उपलब्ध कराएगा, जिसमें यात्रियों तथा सामान की उन्नत जांच, तोड़फोड़ रोधी जांच, निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं। आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के विरुद्ध तैयारी को और सुदृढ़ करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) तथा विस्फोटक पहचान में प्रशिक्षित के-9 श्वान दस्ते जैसी विशेष इकाइयाँ भी तैनात की गई हैं।
भारत सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत दरभंगा हवाई अड्डा देश के सबसे तेजी से विकसित होते हवाई अड्डों में से एक के रूप में उभरा है, जिसने उत्तर बिहार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाया है। पिछले कुछ वर्षों में हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा, 'सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। मिथिला क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है और सीआईएसएफ की तैनाती से हमारे नागरिकों को एक सशक्त सुरक्षा कवच प्राप्त होगा'। सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि सीआईएसएफ पेशेवर मानव संसाधन, उन्नत प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक स्तर के सुरक्षा मानकों के माध्यम से सुरक्षित, संरक्षित एवं यात्री-अनुकूल हवाई अड्डा परिवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दरभंगा में तैनाती के साथ ही सीआईएसएफ अब बिहार में 11 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयां एवं हवाई अड्डे शामिल हैं। इससे राज्य भर में राष्ट्रीय महत्व की अवसंरचना की सुरक्षा में बल की भूमिका और अधिक सुदृढ़ हुई है।
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हवाई अड्डे पर विशेषज्ञ एवं प्रौद्योगिकी आधारित विमानन सुरक्षा प्रदान करने के प्रथम चरण में कुल 145 सीआईएसएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। दरभंगा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह तैनाती रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हवाई अड्डा 729 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है। यहां पर सीमा पार के खतरों, तस्करी नेटवर्क तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों जैसी उभरती सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
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दरभंगा हवाई अड्डा, भारतीय वायुसेना स्टेशन के परिसर में एक सिविल एन्क्लेव के रूप में संचालित होता है, जिससे यहां एक उच्च प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञ विमानन सुरक्षा बल की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। सीआईएसएफ यहां एक व्यापक एवं बहु-स्तरीय सुरक्षा ढांचा उपलब्ध कराएगा, जिसमें यात्रियों तथा सामान की उन्नत जांच, तोड़फोड़ रोधी जांच, निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं। आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के विरुद्ध तैयारी को और सुदृढ़ करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) तथा विस्फोटक पहचान में प्रशिक्षित के-9 श्वान दस्ते जैसी विशेष इकाइयाँ भी तैनात की गई हैं।
भारत सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत दरभंगा हवाई अड्डा देश के सबसे तेजी से विकसित होते हवाई अड्डों में से एक के रूप में उभरा है, जिसने उत्तर बिहार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाया है। पिछले कुछ वर्षों में हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा, 'सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। मिथिला क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील है और सीआईएसएफ की तैनाती से हमारे नागरिकों को एक सशक्त सुरक्षा कवच प्राप्त होगा'। सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि सीआईएसएफ पेशेवर मानव संसाधन, उन्नत प्रौद्योगिकी तथा वैश्विक स्तर के सुरक्षा मानकों के माध्यम से सुरक्षित, संरक्षित एवं यात्री-अनुकूल हवाई अड्डा परिवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दरभंगा में तैनाती के साथ ही सीआईएसएफ अब बिहार में 11 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। इनमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयां एवं हवाई अड्डे शामिल हैं। इससे राज्य भर में राष्ट्रीय महत्व की अवसंरचना की सुरक्षा में बल की भूमिका और अधिक सुदृढ़ हुई है।