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क्या खत्म हो जाएगा आंदोलन?: अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की, बोले- देश को आपकी जरूरत
Wed, 22 Jul 2026 03:22 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 22 Jul 2026 03:22 PM IST
सार
सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से उनका लंबा भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम वांगचुक की जरूरत है। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई भी होनी है। ऐसे में सवाल उठता है क्या अब आंदोलन खत्म हो जाएगा? आइए, विस्तार से जानते हैं...
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अभिजीत दीपके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और उनकी सेहत को देखते हुए अब उन्हें भूख हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनशन खत्म होने का मतलब आंदोलन का खत्म होना नहीं होगा। दीपके ने कहा कि जब तक उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है और बिना भोजन के इतने लंबे समय तक रहने से उनके जीवन पर गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा, "देश को उनकी जरूरत है। मैं उनसे अनशन खत्म करने की अपील करता हूं। लेकिन हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।" उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक अनशन समाप्त भी कर देते हैं, तब भी प्रदर्शन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
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अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है और बिना भोजन के इतने लंबे समय तक रहने से उनके जीवन पर गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा, "देश को उनकी जरूरत है। मैं उनसे अनशन खत्म करने की अपील करता हूं। लेकिन हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।" उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक अनशन समाप्त भी कर देते हैं, तब भी प्रदर्शन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
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अभिजीत दीपके ने आंदोलन को लेकर क्या भरोसा दिया?
दीपके ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी ऐसी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी जिससे आंदोलन या देश की छवि को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए अहिंसक रास्ते पर चलेगा। उन्होंने समर्थकों से भी अपील की कि वे संयम बनाए रखें और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखें। उनके अनुसार आंदोलन का उद्देश्य केवल जवाबदेही तय कराना है।
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दिल्ली हाईकोर्ट में किस मामले पर सुनवाई होगी?
बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसमें जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ करेगी।याचिका में पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या आरोप लगाए गए?
- याचिका में दावा किया गया है कि सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों ने 28 जून 2026 से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
- इसमें कहा गया है कि 17 जुलाई तक प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। याचिका के अनुसार 18 जुलाई को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली कराया, कई प्रदर्शनकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध हटाया या हिरासत में लिया और बल प्रयोग किया।
- आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों को आगे विरोध जारी रखने से भी रोका गया। याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानून की निर्धारित प्रक्रिया के अलावा किसी तरह की जबरन कार्रवाई, हिरासत, डराने-धमकाने या बल प्रयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाएं।