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जंतर-मंतर से सत्ता के दरवाजे तक: आज सरकार के मंत्रियों से मिलेगा CJP का प्रतिनिधिमंडल; क्या निकलेगा समाधान?
Fri, 24 Jul 2026 12:00 AM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:00 AM IST
सार
नीट पेपर लीक मामले पर जारी गतिरोध के बीच कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पर्दे के पीछे चली लंबी बातचीत के बाद हो रही है।
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सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी गतिरोध के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक दोपहर 12:30 बजे होगी, हालांकि बैठक का स्थान अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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क्या बैकडोर बातचीत के बाद बनी मुलाकात की राह?
सूत्रों का कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद पर लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म करने के लिए पिछले कुछ समय से पर्दे के पीछे लगातार बातचीत चल रही थी। इसी सिलसिले के बाद अब सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के मंत्रियों के बीच यह अहम बैठक होने जा रही है।
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क्या हैं सीजेपी की प्रमुख मांगें?
सीजेपी पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर धरना दे रही है। पार्टी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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20 जुलाई को हुई थी बैठक
इससे पहले पिछले सोमवार 20 जुलाई को जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच करीब चार घंटे तक बातचीत चली। मुलाकात के दौरान सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री को अपनी तीन प्रमुख मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे,नीट पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए मुआवजे और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग शामिल थी। बैठक के दौरान सरकार ने आंदोलन समाप्त करने की अपील की, जबकि सीजेपी ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस कार्रवाई के धरना वापस नहीं लिया जाएगा।
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बैठक के बाद सरकार ने क्या कहा था?
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा था कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की बातें गंभीरता से सुनी हैं और ज्ञापन पर विचार किया जाएगा। हालांकि, किसी भी मांग को तत्काल स्वीकार करने का आश्वासन नहीं दिया गया। दूसरी ओर, सीजेपी नेताओं ने दावा किया कि बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला और सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता खुला रहा और बाद में आगे की बातचीत के लिए नई बैठक की तैयारी शुरू हुई।