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जब भीड़ ने लगाए 'मोदी-मोदी' के नारे: सीएम डीके शिवकुमार के इस जवाब ने लूट ली महफिल; क्या है पूरा मामला?
Sun, 16 Aug 2026 08:15 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, बंगलूरू।
एएनआई, बंगलूरू।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 16 Aug 2026 08:15 PM IST
सार
‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच डीके शिवकुमार ने मंच से जवाब दिया और देखते ही देखते भीड़ ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने लगी। इसी मौके पर उन्होंने ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए ‘विद्यार्थी सहायहस्त’ पहल का भी एलान किया। क्या है पूरा मामला? जानिए...
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डीके शिवकुमार, मुख्यमंत्री कर्नाटक
- फोटो : @AI/ अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 15 अगस्त को विधान सौधा ( विधानसभा) में आयोजित ‘फ्रीडम हब्बा’ कार्यक्रम के दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारों का अपने अंदाज में जवाब दिया। कार्यक्रम में भीड़ के एक हिस्से ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए। शिवकुमार ने मंच से ही इन नारों का जवाब दिया और माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, 'यहां मोदी भी कहते हैं डीके-डीके।' इसके तुरंत बाद भीड़ ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। शिवकुमार ने फिर कहा, 'देखिए, अब डीके-डीके के नारे शुरू हो गए हैं।'
शिवकुमार ने क्या-क्या कहा?
शिवकुमार ने नारेबाजी को नजरअंदाज करने के बजाय सीधे मंच से प्रतिक्रिया दी। उनके जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और भीड़ की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी की। शिवकुमार इससे पहले भी अपने समर्थन में लगने वाले नारों पर ऐसी ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। दिसंबर 2025 में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के सामने कुछ लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाए थे।
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तब शिवकुमार ने कहा था, 'यह सामान्य है। कुछ लोग मोदी-मोदी कहते हैं, कुछ डीके-डीके, कुछ राहुल-राहुल और कुछ सिद्धू-सिद्धू। इसमें कुछ गलत नहीं है। लोग अपना प्यार और स्नेह दिखाते हैं और हमें इसे खेल भावना से लेना चाहिए।'
क्या था ‘फ्रीडम हब्बा’ कार्यक्रम?
‘मोदी-मोदी’ के नारे 15 अगस्त को विधान सौध में आयोजित ‘फ्रीडम हब्बा’ कार्यक्रम के दौरान लगे। शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट कर कार्यक्रम को कर्नाटक के लोकतंत्र के केंद्र में स्वतंत्रता का उत्सव बताया। उन्होंने लिखा कि यह ऐसा आयोजन था, जिसने इतिहास, संविधान, संस्कृति और लोगों को कर्नाटक के लोकतंत्र के केंद्र में एक साथ जोड़ा।
यह भी पढ़ें: अचानक हंसने-रोने लगती थीं छात्राएं: आत्माओं के नाराज होने का दावा, अमरावती के आवासीय स्कूल का क्या है मामला?
शिवकुमार ने किया नई योजना का एलान
बंगलूरू स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लिया। वहां कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली, पार्टी के नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी समारोह में शिवकुमार ने ‘विद्यार्थी सहायहस्त’ नाम की नई पहल की घोषणा की। इसका उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि कक्षा एक से 10 तक ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए मौजूदा 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा, 'यहां मोदी भी कहते हैं डीके-डीके।' इसके तुरंत बाद भीड़ ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। शिवकुमार ने फिर कहा, 'देखिए, अब डीके-डीके के नारे शुरू हो गए हैं।'
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शिवकुमार ने क्या-क्या कहा?
शिवकुमार ने नारेबाजी को नजरअंदाज करने के बजाय सीधे मंच से प्रतिक्रिया दी। उनके जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने इस मौके को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और भीड़ की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी की। शिवकुमार इससे पहले भी अपने समर्थन में लगने वाले नारों पर ऐसी ही प्रतिक्रिया दे चुके हैं। दिसंबर 2025 में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के सामने कुछ लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाए थे।
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तब शिवकुमार ने कहा था, 'यह सामान्य है। कुछ लोग मोदी-मोदी कहते हैं, कुछ डीके-डीके, कुछ राहुल-राहुल और कुछ सिद्धू-सिद्धू। इसमें कुछ गलत नहीं है। लोग अपना प्यार और स्नेह दिखाते हैं और हमें इसे खेल भावना से लेना चाहिए।'
क्या था ‘फ्रीडम हब्बा’ कार्यक्रम?
‘मोदी-मोदी’ के नारे 15 अगस्त को विधान सौध में आयोजित ‘फ्रीडम हब्बा’ कार्यक्रम के दौरान लगे। शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट कर कार्यक्रम को कर्नाटक के लोकतंत्र के केंद्र में स्वतंत्रता का उत्सव बताया। उन्होंने लिखा कि यह ऐसा आयोजन था, जिसने इतिहास, संविधान, संस्कृति और लोगों को कर्नाटक के लोकतंत्र के केंद्र में एक साथ जोड़ा।
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शिवकुमार ने किया नई योजना का एलान
बंगलूरू स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लिया। वहां कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री के साथ पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली, पार्टी के नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसी समारोह में शिवकुमार ने ‘विद्यार्थी सहायहस्त’ नाम की नई पहल की घोषणा की। इसका उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए व्यावसायिक शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि कक्षा एक से 10 तक ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए मौजूदा 15 प्रतिशत ग्रामीण आरक्षण के भीतर 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।