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Hindi News ›   India News ›   From Developed India to Self-reliant India 10 big messages PM Modi gave to the world from Red Fort

PM Modi Speech: 'विकसित भारत' से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक: लाल किले से पीएम मोदी ने दुनिया को दिए 10 संदेश

Sat, 15 Aug 2026 08:28 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 15 Aug 2026 08:28 AM IST
सार

PM Modi Message:  80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को कई बड़ें संदेश दिए। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत भारत को विकसित बनाने के साथ ही देश  को आत्मनिर्भर बनाने पर रखा। आइए जानतें है प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें... 

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From Developed India to Self-reliant India 10 big messages PM Modi gave to the world from Red Fort
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पीएम मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है। पीएम ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा, आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। उन्होंने कहा, आज ऐतिहासिक पल है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है।
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From Developed India to Self-reliant India 10 big messages PM Modi gave to the world from Red Fort
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।
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From Developed India to Self-reliant India 10 big messages PM Modi gave to the world from Red Fort
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में उठाए मजबूत कदम: पीएम मोदी
लाल किले से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, जैसी चर्चा क्रिटिकल मिनरल्स की हो रही है। पूरी तकनीक इसी पर निर्भर है। भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा है। मिशन क्रिटिकल मिनरल्स हमने लॉन्च किया। हमने कॉरिडोर लॉन्च किया है। कई देश हम पर इसके लिए भरोसा कर रहे हैं। चाहे सेमीकंडक्टर की बात हो या क्रिटिकल मिनरल्स की। उसी तरह एनर्जी की भी बात बढ़ती जा रही है। इसके बिना दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमने एआई हो, डेटा सेंटर हो, हमें बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी। एनर्जी सिक्योरिटी यह दुनिया की मांग है। इस दिशा में हमने मजबूत कदम उठाए हैं। इस रास्ते में एक जरूरी जरिया है परमाणु ऊर्जा। 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
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बाढ़ पीड़ितों के साथ पूरा देश एक साथ
लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और उन्हें सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं और सरकार उनके दर्द व पीड़ा को पूरी तरह समझती है। इस वर्ष असम, केरल, उत्तराखंड और नागालैंड समेत कई राज्यों में भारी मानसूनी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है तथा कई क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां बाधित हुई हैं। ऐसे में पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।

From Developed India to Self-reliant India 10 big messages PM Modi gave to the world from Red Fort
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए, उन्हें पूरा करने में लगे 5-7 साल: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमारे सीफूड की दुनिया में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है। हमारी सी बेल्ट इस क्षेत्र में काफी काम आ सकती है। मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य एक मजबूत नींव पर खड़ा है। हमने पिछले 10-12 साल में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, यह आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है। इसका एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब हमें लक्ष्य प्राप्त करके रहना है। हमें अपनी संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा। जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए हैं, वह काम हमें करने में हमें 5-7 साल लगे हैं। मुझे भरोसा है कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।

आत्मनिर्भरता के मंत्र से किया चुनौतियों का सामना: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने संबोधन में कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा। जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया। लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया। संसाधनों का हथियारीकरण। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें। अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते। ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं।

हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, यह हमारी गलत सोच के कारण है। हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर के रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर एक्प्लोरेशन न करने का फैसला किया। हमने उस 99 फीसदी इलाका जो नो गो हुआ करते थे। हमने उसे खुला कर दिया। अब हम समुद्र के अंदर एक्सप्लोरेशन करने का प्रयास किया है। उसी दिशा में हमने समुद्र मंथन की घोषणा की थी। हाल ही में हमने 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर उस काम को आगे बढ़ाने का काम किया।
 

 दुनिया का नेतृत्व भारत के हाथों में हो, यह समय की मांग: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्युन 500 में आगे भारत की कंपनियां हों। आज बैंकिंग क्षेत्र फल-फूल रहा है। दुनिया के शीर्ष बैंकों में भारत के बैंकों का हिस्सा क्यों न हो। भारत की फार्मा ने विदेश में बहुत काम किया है। समय की मांग है कि दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी एक-दो कंपनियां होनी चाहिए। क्या समय की मांग नहीं है कि दुनिया का नेतृत्व हमारे हाथ में होना चाहिए। हमारी अकाउंटिंग फर्म्स दुनिया की शीर्ष फर्म्स में क्यों नहीं होनी चाहिए। हमारे ऐसे ब्रांड्स हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती हो। मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्वराज संस्थाओं को कहना चाहता हूं कि हमें अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी।

रक्षा क्षेत्र में बनना होगा आत्मनिर्भर: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।  पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा। छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं। 

'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों। क्रिएटिव वर्ल्ड के अंदर भारत का लोहा माना जा रहा है। भारत का ऑडियो-वीडियो औऱ एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में दुनिया हमारी राह देखती है। हमारे पास वन संपदा है, 100 से ज्यादा राष्ट्रीय पार्क हैं। लेकिन विदेशियों को आकर्षिक करने में हम पीछे रहे हैं। हमारा काम है कि हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ें और पूरी दुनिया को आकर्षित करें।'

पीएम मोदी ने किया देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।

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