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बांग्लादेश के आरोपों पर भारत का जवाब: शेख हसीना के मीडिया संबोधन पर MEA बोला- सरकार का कोई रोल नहीं
Fri, 07 Aug 2026 05:13 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:13 PM IST
सार
भारत ने साफ कर दिया है कि शेख हसीना के मीडिया कार्यक्रम से सरकार का कोई संबंध नहीं था। वहीं, शेख हसीना के बांग्लादेश लौटने के ऐलान और उनके बयानों के बाद ढाका ने भारत के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में हुए एक वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम के बाद दोनों देशों के बीच नया राजनयिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत आने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए शेख हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कई तीखे बयान दिए। इसके बाद ढाका ने भारत के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विवाद बढ़ने पर भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।
एमईए ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम था। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और न ही सरकार इस मंच से दिए गए किसी बयान का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के खिलाफ दिए गए विचार भारत सरकार के नहीं हैं।
यह भी पढ़ें: MEA: एफसीआरए पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामला
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शेख हसीना ने क्या कहा?
अपने वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि जेल या मौत का डर उन्हें अपने देश वापस जाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने 2024 के आंदोलन को सुनियोजित साजिश बताया और लोकतंत्र की बहाली का दावा किया।
शेख हसीना के संबोधन की सात बड़ी बातें
बांग्लादेश ने क्यों जताई नाराजगी?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल उनके देश के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए। ढाका ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई। इस पर अब भारत ने दो टूक जवाब दे दिया है।
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एमईए ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम था। इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और न ही सरकार इस मंच से दिए गए किसी बयान का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के खिलाफ दिए गए विचार भारत सरकार के नहीं हैं।
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यह भी पढ़ें: MEA: एफसीआरए पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामला
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शेख हसीना ने क्या कहा?
अपने वर्चुअल संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि जेल या मौत का डर उन्हें अपने देश वापस जाने से नहीं रोक सकता। उन्होंने 2024 के आंदोलन को सुनियोजित साजिश बताया और लोकतंत्र की बहाली का दावा किया।
शेख हसीना के संबोधन की सात बड़ी बातें
- देश वापसी का एलान: वे इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर लोकतंत्र बहाल करना चाहती हैं।
- 2024 के प्रदर्शनों पर सवाल: 2024 के विरोध प्रदर्शनों को उन्होंने प्रायोजित और सुनियोजित साजिश बताया।
- अवामी लीग से बैन हटाने की मांग: उन्होंने अपनी पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग की।
- राजनीतिक बंदियों की रिहाई: उन्होंने झूठे मुकदमे वापस लेने और मीडिया की आजादी की बात की।
- भारत को बताया मित्र: हसीना ने भारत को मुश्किल समय का सच्चा और बड़ा दोस्त बताया।
- सजीव वाजेद के गंभीर आरोप: उनके बेटे जॉय ने बांग्लादेश को 'विफल राज्य' और 'दूसरा पाकिस्तान' करार दिया।
- न्याय की मांग: उन्होंने कहा कि देश में शांति और सुलह के लिए निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।
बांग्लादेश ने क्यों जताई नाराजगी?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की धरती का इस्तेमाल उनके देश के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए। ढाका ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ बताया और शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी दोहराई। इस पर अब भारत ने दो टूक जवाब दे दिया है।