India-US Ties: 'परमाणु ऊर्जा पर भारत-अमेरिका सहयोग में बड़ी संभावनाएं', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को लेकर नई संभावनाएं उभर रही हैं। महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ती औद्योगिक और AI आधारित बिजली मांग को देखते हुए अमेरिकी कंपनियों को न्यूक्लियर सेक्टर में निवेश का न्योता दिया है। इस बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी बड़ी चीजें होने के संकेत दिया है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में मुलाकात की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Big things ahead in India-US collaboration on Nuclear energy! https://t.co/mCj9MbErAj
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) May 20, 2026
परमाणु ऊर्जा क्यों है जरूरी?
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र लंबे समय से सौर और पवन ऊर्जा में निवेश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बन-मुक्त और औद्योगिक स्तर पर निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए परमाणु ऊर्जा अब अनिवार्य हो जाएगी। महाराष्ट्र परमाणु ऊर्जा में अग्रणी बनने के लिए तैयार है। परमाणु क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को नई गति मिल रही है।
महाराष्ट्र अणुऊर्जेच्या नेतृत्त्वासाठी सज्ज; अणुऊर्जा क्षेत्रात भारत-अमेरिका सहकार्याला नवी गती
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या प्रमुख उपस्थितीत आज मुंबई येथे 'यूएस न्यूक्लिअर एक्झिक्युटिव्ह मिशन टू इंडिया' अंतर्गत न्यूक्लिअर एनर्जी इन्स्टिट्यूट (NEI) आणि यूएस-इंडिया… pic.twitter.com/4LHFD5gJME— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) May 20, 2026
महाराष्ट्र की औद्योगिक शक्ति और बिजली की मांग
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पर जोर देते हुए बताया कि भारत में आने वाले कुल विदेशी निवेश का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले महाराष्ट्र में आता है। इसके अलावा, देश की डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मुंबई और नवी मुंबई के क्षेत्रों में केंद्रित है।
ये भी पढ़ें: भारत ने यूएन में PAK को जमकर धोया: अफगानिस्तान-बांग्लादेश का जिक्र कर कहा- नरसंहार के कलंकित इतिहास वाला देश
उन्होंने कहा कि राज्य में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे क्षेत्र बड़े पैमाने पर उभर रहे हैं। इन क्षेत्रों के विस्तार से आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में कई गुना वृद्धि होगी। फडणवीस के अनुसार, अगले कुछ दशकों में भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी और महाराष्ट्र इसका सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र होगा।
अमेरिकी कंपनियों को निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों से महाराष्ट्र में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
We're looking forward to celebrating with you, Mr. Secretary! pic.twitter.com/ImcJGPwpN0
— U.S. Embassy India (@USAndIndia) May 20, 2026
भारत-अमेरिका संबंधों पर मार्को रुबियो का संदेश
इसी बीच, अमेरिकी दूतावास ने एक वीडियो साझा किया जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के संबंधों पर खुशी जताई। रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ अपने भारतीय भागीदारों के साथ मनाना चाहता है। उन्होंने कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हम सबसे पुराने हैं। इसलिए हम साथ मिलकर जश्न मनाने के लिए उत्सुक हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण-अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने की मुलाकात
इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और वित्तीय रिश्तों को और गहरा करने पर चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों नेताओं ने फिनटेक सेक्टर, निवेश के नए मौकों और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर बात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश डिजिटल फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार करीब आ रहे हैं। बैठक में वित्त मंत्री ने अमेरिका के आने वाले 250वें स्वतंत्रता दिवस के लिए राजदूत को बधाई भी दी।
Ministry of Finance (@FinMinIndia) posts, "Union Minister for Finance & Corporate Affairs met Mr.@SergioGor, the US Ambassador to India @USAmbIndia, in New Delhi, today. They both had discussions on deepening India-US Economic & Financial Partnership, India-US Fin-Tech… pic.twitter.com/oIGmdvGArq
— Press Trust of India (@PTI_News) May 20, 2026
सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने व्यापार की बाधाओं को कम करने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही थी। राजदूत के अनुसार, भारतीय कंपनियां अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मा जैसे क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने सीआईआई समिट में भी जोर दिया था कि व्यापार के अवसर बढ़ने से दोनों देशों को बड़ा फायदा होगा। दोनों देश अब रणनीतिक आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं।