West Bengal: बंगाल के मदरसों में अब वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु सरकार का एक और बड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के सभी मदरसों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया है। सरकार के अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है।
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पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। दरअसल बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया गया है। अब मदरसों में इस आदेश का पालन करना जरूरी है। यह नया नियम सरकारी मदरसों से लेकर सभी सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू होगा।
West Bengal: Directorate of Madrasah Education has made the singing of “Vande Mataram” mandatory during assembly prayers before classes in all government, aided, and recognised madrasahs across the state with immediate effect pic.twitter.com/6MK8h0D3YR
विज्ञापन— IANS (@ians_india) May 20, 2026विज्ञापन
इससे पहले क्या दिया गया था निर्देश?
पिछले सप्ताह स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक नोटिस में सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया था कि हर दिन कक्षाएं शुरू होने से पहले वंदे मातरम गीत का गायन सुनिश्चित किया जाए। आदेश में कहा गया कि कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में वंदे मातरम गीत का गायन अनिवार्य किया जाए, ताकि राज्य के सभी स्कूलों में सभी छात्र तत्काल प्रभाव से इसे गाएं।
राज्य सरकार का यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के जनवरी में जारी उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसे गाने की बात कही गई थी।
नए आदेश में क्या नहीं स्पष्ट?
इससे पहले राज्य की पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत स्कूलों की सुबह की सभा में बांग्लार माटी बांग्लार जल गीत गाना अनिवार्य था। हालांकि, नए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अब राज्य गीत को वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ जारी रखा जाएगा या नहीं।
कुछ स्कूलों ने व्यावहारिक दिक्कतों की शिकायत की
कुछ स्कूल प्रमुखों ने इसको लेकर व्यावहारिक दिक्कतों की ओर भी इशारा किया है। एक स्कूल प्रमुख ने कहा कि हम राष्ट्रगान को नहीं हटा सकते, क्योंकि वह अनिवार्य है। अब पहला गीत वंदे मातरम होगा और अगर राज्य गीत भी जोड़ा गया तो इसमें ज्यादा समय लगेगा, जिससे कक्षाएं शुरू होने में देरी होगी। नोटिस में राज्य गीत को लेकर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन छात्रों को तीन गीतों के लिए रोकना आसान नहीं होगा।
शिक्षा विभाग ने क्या बताया?
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए निर्देश में केवल वंदे मातरम को लेकर आदेश जारी किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हमें वंदे मातरम को स्कूल प्रार्थना के रूप में शुरू करने को कहा गया है, लेकिन राज्य गीत का कोई उल्लेख नहीं है।
वहीं, कई स्कूलों ने इस आदेश को लागू करना भी शुरू कर दिया है। जादवपुर विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक पार्थ प्रतिम बैद्य ने कहा कि पिछले सप्ताह से हम राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम गीत गा रहे हैं।