दावा: भारत का सौर ऊर्जा उत्पादन दुनिया में सबसे सस्ता, विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा, पढ़ें चार खबरें
वैश्विक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में छत पर सौर ऊर्जा की उत्पादन लागत 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे है, जो चीन में थोड़ी ज्यादा 68 डॉलर की लागत आती है। 2025 तक दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाली कुल बिजली खपत का 49 फीसदी हिस्सा इसी तकनीक के जरिये पूरा किया जाएगा।
विस्तार
भारत में छत पर सौर ऊर्जा उत्पादन की लागत दुनिया में सबसे कम है। एक वैश्विक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में छत पर सौर ऊर्जा की उत्पादन लागत 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे है, जो चीन में थोड़ी ज्यादा 68 डॉलर की लागत आती है।
वैश्विक रिपोर्ट में दावा, 66 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे है लागत
इम्पीरियल कॉलेज लंदन और कोलंबिया विश्वविद्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, घरों, वाणिज्यिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की छतों पर लगने वाले सौर पैनल की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। 2025 तक दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाली कुल बिजली खपत का 49 फीसदी हिस्सा इसी तकनीक के जरिये पूरा किया जाएगा। भारत में भी छतों पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने की क्षमता 1.7 पेटावाट-घंटे प्रति वर्ष है, जो देश की मौजूदा खपत 1.3 पेटावाट-घंटे प्रति वर्ष से ज्यादा है। इस तकनीक से अमेरिका में सौर बिजली बनाने का खर्च 238 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे आता है, जबकि ब्रिटेन में यह 251 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटे है। आइए जानते हैं देश की अन्य चार महत्वपूर्ण खबरें...
विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 639.51 अरब डॉलर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अरब डॉलर बढ़कर 639.51 अरब डॉलर पहुंच गया है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि 8 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार में तेजी आई। इससे पहले के सप्ताह में 1.16 अरब डॉलर गिरावट रही थी। सोने का भंडार भी 46.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 38 अरब डॉलर पहुंच गया है।
टैरिफ कोटे में अमेरिका को 8424 टन चीनी निर्यात
सरकार ने टैरिफ रेट कोटे के तहत अमेरिका को 8,424 टन चीनी निर्यात की मंजूरी दे दी है। इस निर्यात पर भारत को बेहद कम सीमा शुल्क का भुगतान करना होगा। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने शुक्रवार को बताया कि सरकार की ओर से कोटे के तहत मंजूर की गई चीनी का निर्यात 1 अक्तूबर, 2021 से 30 सितंबर, 2022 तक किया जाएगा।
रियल एस्टेट में 24 फीसदी बढ़ा निजी इक्विटी निवेश
जुलाई-सितंबर तिमाही में रियल एस्टेट क्षेत्र में निजी इक्विटी निवेश 24 फीसदी बढ़कर 3,500 करोड़ रुपये पहुंच गया है। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही की अपेक्षा इसमें 45 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। सैविल्स इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि दूसरी तिमाही के दौरान आए कुल निजी निवेश में 34 फीसदी हिस्सेदारी डाटा केंद्रों की है।