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कर्नाटक में सियासी हलचल तेज: पहली बार विधायक बने नेताओं ने मांगे मंत्री पद, खरगे-राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 23 Feb 2026 05:23 PM IST
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सार
कर्नाटक में कांग्रेस के पहली बार बने विधायकों ने मंत्रिमंडल में शामिल होने की मांग की है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर फेरबदल में कम से कम पांच मंत्री पद मांगे हैं। विधायकों का कहना है कि जनता नए चेहरे चाहती है और इससे 2028 में पार्टी को फायदा होगा।
कांग्रेस का झंडा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पहली बार विधायक बने नेताओं के एक समूह ने पार्टी आलाकमान को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल में होने वाले प्रस्तावित फेरबदल के दौरान अपने लिए जगह मांगी है। विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को यह संयुक्त चिट्ठी भेजी है।
विधायकों ने की अपील
विधायकों ने नेतृत्व से अपील की है कि जब भी मंत्रिमंडल में बदलाव हो, तो कम से कम पांच ऐसे विधायकों को मंत्री बनाया जाए जो पहली बार चुनकर आए हैं। यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 'मनरेगा बचाओ' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में मौजूद हैं।
जनता नए चेहरे देखना चाहती है
अपने पत्र में विधायकों ने लिखा है कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस के 38 ऐसे सदस्यों को चुना है जो पहली बार विधायक बने हैं। यह साफ संदेश है कि लोग विधानसभा में नए और युवा चेहरों को देखना चाहते हैं। विधायकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सिद्धारमैया की अगुवाई में 34 सदस्यों का मंत्रिमंडल बना था, तब पहली बार जीते किसी भी विधायक को कैबिनेट में काम करने का मौका नहीं मिला था।
ये भी पढ़ें: Karnataka: कर्नाटक के स्कूलों में मोबाइल बैन पर चर्चा तेज, डीके शिवकमार बोले- अभिभावक भी बना रहे दबाव
युवा और अनुभव का मेल जरूरी
पत्र में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में यह सही होगा कि पहली बार विधायक बने लोगों को भी कैबिनेट में जगह दी जाए। उन्होंने इस कदम को समय की जरूरत बताया है। उनका कहना है कि युवा, जोश से भरे और सक्रिय प्रतिनिधियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। विधायकों ने तर्क दिया कि कई राज्यों में पहली बार बने विधायकों को मुख्यमंत्री या मंत्री बनाया गया है, इसलिए नए लोगों को मंत्री पद देना कोई नई बात नहीं है।
चिट्ठी पर साइन करने वाले विधायकों का मानना है कि युवा और अनुभवी लोगों का मेल शासन के लिए सही संतुलन बनाएगा। इससे पार्टी को 2028 में फिर से सत्ता में आने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह राज्य में साफ और पारदर्शी शासन देने के कांग्रेस के वादे और विचारधारा को भी पक्का करेगा।
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विधायकों ने की अपील
विधायकों ने नेतृत्व से अपील की है कि जब भी मंत्रिमंडल में बदलाव हो, तो कम से कम पांच ऐसे विधायकों को मंत्री बनाया जाए जो पहली बार चुनकर आए हैं। यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 'मनरेगा बचाओ' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में मौजूद हैं।
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जनता नए चेहरे देखना चाहती है
अपने पत्र में विधायकों ने लिखा है कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस के 38 ऐसे सदस्यों को चुना है जो पहली बार विधायक बने हैं। यह साफ संदेश है कि लोग विधानसभा में नए और युवा चेहरों को देखना चाहते हैं। विधायकों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सिद्धारमैया की अगुवाई में 34 सदस्यों का मंत्रिमंडल बना था, तब पहली बार जीते किसी भी विधायक को कैबिनेट में काम करने का मौका नहीं मिला था।
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युवा और अनुभव का मेल जरूरी
पत्र में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में यह सही होगा कि पहली बार विधायक बने लोगों को भी कैबिनेट में जगह दी जाए। उन्होंने इस कदम को समय की जरूरत बताया है। उनका कहना है कि युवा, जोश से भरे और सक्रिय प्रतिनिधियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। विधायकों ने तर्क दिया कि कई राज्यों में पहली बार बने विधायकों को मुख्यमंत्री या मंत्री बनाया गया है, इसलिए नए लोगों को मंत्री पद देना कोई नई बात नहीं है।
चिट्ठी पर साइन करने वाले विधायकों का मानना है कि युवा और अनुभवी लोगों का मेल शासन के लिए सही संतुलन बनाएगा। इससे पार्टी को 2028 में फिर से सत्ता में आने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह राज्य में साफ और पारदर्शी शासन देने के कांग्रेस के वादे और विचारधारा को भी पक्का करेगा।
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