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केरल में खुला भाजपा का खाता: इन तीन सीटों पर दर्ज की जीत, जानें प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर ने क्या कहा
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 04 May 2026 03:45 PM IST
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सार
केरल में भाजपा ने नेमोम और चथन्नूर और कझाकोट्टम सीट पर ऐतिहासिक बढ़त बनाकर विरोधियों के 'शून्य सीट' के दावे को ध्वस्त कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का जवाब बताया है। राजीव चंद्रशेखर ने और क्या-क्या कहा है? खबर में जानिए...
केरल में भाजपा का खुला खाता
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केरल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब राज्य में केवल एक 'वोट-कटवा' पार्टी नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति बन चुकी है। पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। इतिहास रचते हुए राजीव चंद्रशेखर ने 4900 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने भी 4,398 वोटों से जीत दर्ज की है। इसके अलावा वी मुरलीधरन ने कझाकट्टम निर्वाचन क्षेत्र से 428 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही केरल में भाजपा को तीन सीटें मिली हैं, जो अब तक पहली बार हुआ है।
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के अब तीन विधायक होंगे। उन्होंने इस जीत को कांग्रेस और माकपा के उन दावों का करारा जवाब बताया है, जिसमें कहा गया था कि भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा।
जनता ने दिया विरोधियों को जवाब- चंद्रशेखर
पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'आज नेमोम और चथन्नूर और कझाकोट्टम की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के तीन विधायक होंगे।' चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को 'माकपा विरोधी चुनाव' करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है।
आंकड़ों में भाजपा की बढ़त
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर ने 4,978 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा कझाकोट्टम से वी मुरलीधरन ने भी जीत दर्ज की है। चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।
यह भी पढ़ें: Hot Seat Results Live: पांच प्रदेशों में तीन CM आगे, स्टालिन पीछे; सबसे चर्चित विधानसभा सीटों पर किनका दबदबा?
नेमोम और चथन्नूर: भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न
केरल की राजनीति में नेमोम सीट भाजपा के लिए सबसे खास है। साल 2016 में ओ राजगोपाल ने यहीं से जीत दर्ज कर केरल विधानसभा में पार्टी का खाता खोला था। हालांकि 2021 में पार्टी यह सीट हार गई थी, लेकिन 2026 में प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारकर भाजपा ने इसे फिर से अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया। दूसरी ओर, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट पर भाजपा का आधार काफी पुराना है। यहां बीबी गोपकुमार पिछले कई चुनावों से लगातार अपना वोट शेयर बढ़ा रहे थे और इस बार की बढ़त ने साबित कर दिया है कि यह क्षेत्र अब भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ में तब्दील हो चुका है।
केरल में भाजपा ने लंबे समय तक 'तीसरे ध्रुव' के रूप में खुद को स्थापित करने का संघर्ष किया है, जहां दशकों से मुकाबला केवल वामपंथी एलडीएफ और कांग्रेस यूडीएफ के बीच ही रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेषकर 2024 के लोकसभा चुनाव में सुरेश गोपी की जीत और फिर 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में तिरुवनंतपुरम नगर निगम जैसे बड़े केंद्रों में मिली सफलता ने पार्टी को नई ऊर्जा दी है। अब भाजपा केवल एक वोट काटने वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि नेमोम और चथन्नूर जैसी सीटों पर जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि वह दक्षिण के इस राज्य में वैचारिक और चुनावी रूप से एक मजबूत विकल्प बन चुकी है।
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केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के अब तीन विधायक होंगे। उन्होंने इस जीत को कांग्रेस और माकपा के उन दावों का करारा जवाब बताया है, जिसमें कहा गया था कि भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा।
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जनता ने दिया विरोधियों को जवाब- चंद्रशेखर
पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'आज नेमोम और चथन्नूर और कझाकोट्टम की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के तीन विधायक होंगे।' चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को 'माकपा विरोधी चुनाव' करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है।
| क्रमांक | सीट | विजेता उम्मीदवार | कुल वोट | जीत का अंतर | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चथन्नूर | बी.बी. गोपाकुमार | 51,923 | 4,398 | 16/16 |
| 2 | कझाकोट्टम | वी. मुरलीधरन | 46,564 | 428 | 18/18 |
| 3 | नेमोम | राजीव चंद्रशेखर | 57,192 | 4,978 | 25/25 |
आंकड़ों में भाजपा की बढ़त
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर ने 4,978 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा कझाकोट्टम से वी मुरलीधरन ने भी जीत दर्ज की है। चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।
यह भी पढ़ें: Hot Seat Results Live: पांच प्रदेशों में तीन CM आगे, स्टालिन पीछे; सबसे चर्चित विधानसभा सीटों पर किनका दबदबा?
नेमोम और चथन्नूर: भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न
केरल की राजनीति में नेमोम सीट भाजपा के लिए सबसे खास है। साल 2016 में ओ राजगोपाल ने यहीं से जीत दर्ज कर केरल विधानसभा में पार्टी का खाता खोला था। हालांकि 2021 में पार्टी यह सीट हार गई थी, लेकिन 2026 में प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारकर भाजपा ने इसे फिर से अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया। दूसरी ओर, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट पर भाजपा का आधार काफी पुराना है। यहां बीबी गोपकुमार पिछले कई चुनावों से लगातार अपना वोट शेयर बढ़ा रहे थे और इस बार की बढ़त ने साबित कर दिया है कि यह क्षेत्र अब भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ में तब्दील हो चुका है।
केरल में भाजपा ने लंबे समय तक 'तीसरे ध्रुव' के रूप में खुद को स्थापित करने का संघर्ष किया है, जहां दशकों से मुकाबला केवल वामपंथी एलडीएफ और कांग्रेस यूडीएफ के बीच ही रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेषकर 2024 के लोकसभा चुनाव में सुरेश गोपी की जीत और फिर 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में तिरुवनंतपुरम नगर निगम जैसे बड़े केंद्रों में मिली सफलता ने पार्टी को नई ऊर्जा दी है। अब भाजपा केवल एक वोट काटने वाली पार्टी नहीं रही, बल्कि नेमोम और चथन्नूर जैसी सीटों पर जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि वह दक्षिण के इस राज्य में वैचारिक और चुनावी रूप से एक मजबूत विकल्प बन चुकी है।
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