वैशाली लोकसभा सीट बिहार की प्रमुख सीटों में से एक है। यहां से राजद ने एक बार फिर डॉ. रघुवंश सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं लोजपा ने वर्तमान सांसद रामा किशोर सिंह की जगह पूर्व भाजपा विधायक वीणा देवी पर दांव खेला है। माना जा रहा है कि इस बार वैशाली में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। वैशाली सीट से दिग्विजय नारायण सिंह 1952 से 1997 तक छह बार सांसद रह चुके हैं। वहीं पहली महिला किशोरी सिन्हा हैं, वह 1980 इस सीट जनता पार्टी के टिकट से चुनाव जीती थीं।
लोकसभा चुनाव 2019: वैशाली में दिग्गज रघुवंश प्रसाद सिंह के सामने महिला उम्मीदवार
विधानसभा सीटों का समीकरण
वैशाली लोकसभा सीट के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- मीनापुर, कान्ति, बरुराज, पारु, साहेबगंज और वैशाली। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 में से तीन सीटें राजद ने जीती थीं। वहीं भाजपा, जदयू और निर्दलीय उम्मीदवार एक-एक सीट पर जीतने में कामयाब रहे थे।
वैशाली, भगवान महावीर की जन्मस्थली और भगवान बुद्ध कर्मभूमि है। यह जैन मतावलंबियों के लिए पवित्र नगरी है। भगवान बुद्ध का इस धरती पर तीन बार आगमन हुआ था। यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थानों और केला, आम और लीची के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
2014 चुनाव का परिणाम
2014 लोकसभा चुनाव में वैशाली सीट से लोजपा के रामा किशोर सिंह चुनाव जीते थे। उन्हें 305450 वोट मिले थे। रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा इस चुनाव में एनडीए के साथ मिलकर लड़ी थी और उसे मोदी लहर का पूरा फायदा मिला था। दो नंबर पर रहे थे राजद उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह।जिन्हें 206183 वोट मिले। 104229 वोटों के साथ मुन्ना शुक्ला की पत्नी और निर्दलीय उम्मीदवार अनु शुक्ला तीसरे नंबर पर रही थीं। इस सीट से 2009 के चुनाव में रघुवंश प्रसाद सिंह ने जदयू के विजय कुमार शुक्ला को 21405 वोट से हराया था।
वर्तमान सांसद- राम किशोर सिंह (लोजपा)
मतदाताओं की संख्या- 1421957
महिला मतदाताओं की संख्या- 659540
पुरुष मतदाताओं की संख्या- 762380
मतगणना- 23 मई