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Zero-Day की तरफ बढ़ रहे हैं देश के कई राज्य, राशन की तर्ज पर मिलेगा पानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 02 Jun 2018 06:24 PM IST
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जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है देश के कई राज्यों में पानी संकट गहराता जा रहा है। ताजा खबर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से आई जहां पानी संकट गहरा गया है। वैसे तो पानी के संकट से देश के कई राज्य जूझ रहे हैं लेकिन शिमला में पानी के त्राहिमाम की खबर मीडिया में इसलिए छाई क्योंकि हिमाचल कई राज्यों को पानी सप्लाई करता है साथ ही विदेशी सैलानी यहां बड़ी तादाद में आते हैं।
पानी की समस्या
दिल्ली
दिल्ली में पीने के पानी का सबसे बड़ा स्रोत यमुना नदी है लेकिन इनसानी लालच और यमुना क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण की वजह से 40 फीसदी यमुना का बाढ़ क्षेत्र खत्म हो गया जबकि 87 फीसदी दिल्ली भूजलस्तर के अतिदोहन की वहज से लगातार गिर रहा है।
दिल्ली में पीने के पानी का सबसे बड़ा स्रोत यमुना नदी है लेकिन इनसानी लालच और यमुना क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण की वजह से 40 फीसदी यमुना का बाढ़ क्षेत्र खत्म हो गया जबकि 87 फीसदी दिल्ली भूजलस्तर के अतिदोहन की वहज से लगातार गिर रहा है।
पानी का संकट
बंगलूरू
बंगलूरू में पानी का संकट गहरा रहा है। 1973 के मुकाबले यहां के 79 फीसदी जलस्रोत खत्म हो गए हैं।
बंगलूरू में पानी का संकट गहरा रहा है। 1973 के मुकाबले यहां के 79 फीसदी जलस्रोत खत्म हो गए हैं।
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पानी की समस्या
मुंबई- आंकड़े बताते हैं कि मुंबईकर हर दिन 90 करोड़ लीटर पानी बर्बाद कर देते हैं वैसे पानी बर्बाद करने में दिल्ली वासी भी पीछे नहीं है। मुंबई में हर वर्ष 300 सेमी से ज्यादा बारिश होने के बावजूद पानी को जमा करने का न तो सरकार ने ही कोई कारगर उपाय बनाया है और न ही जनता वाटर हार्वेस्टिंग पर ध्यान दे रही है। महाराष्ट्र में जल संकट इतना गहरा गया था कि 2017 में सूखे की वजह से लातूर में ट्रेन से पानी पहुंचाना पड़ा था जबकि 2016 में सोलापुर के जलस्रोत को पेयजल के लिए आरक्षित किया गया था
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WATER-CRISIS
गुरुग्राम - पिछले 60 सालों में पानी का स्तर तेजी से घटा है। 1950 के दशक में जहां 600 तालाब थे जो अब 2017-18 तक महज 40 रह गए हैं। भूजलस्तर 40 मीटर से नीचे चला गया है चौंकाने वाली बात ये है कि यह 1974 में छह मीटर पर था।