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महाराष्ट्र : मुंबई की एक इमारत में लगी आग, लोगों को बचाते हुए सुरक्षा गार्ड की 19वीं मंजिल से गिरकर हुई मौत
पीटीआई, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 23 Oct 2021 04:30 AM IST
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सार
मुंबई के 'वन अविघ्ना पार्क' इमारत की 19वीं मंजिल में शुक्रवार दोपहर आग लग गई। जैसे ही सुरक्षा गार्ड अरुण तिवारी को आग के अलार्म सुना, वह आग में फंसे लोगों को बचाने के लिए फ्लैट में पहुंचे। तिवारी एक महिला और दो बच्चों को बचाने में सफल रहे, लेकिन खुद अंदर फंस गए। आग से अपनी जान बचाते हुए रेलिंग पर लटक गए लेकिन कुछ देर के बाद नीचे गिर गए। उन्हें केईएम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुंबई के वन अविघ्ना पार्क की इमारत में लगी आग
- फोटो : twitter@ANI
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विस्तार
मुंबई में 'वन अविघ्ना पार्क' इमारत की 19वीं मंजिल पर शुक्रवार दोपहर के करीब आग लग गई। सुरक्षा गार्ड अरुण तिवारी ने जैसे ही देखा वह तुरंत आग मे फंसे लोगों की मदद के लिए दौड़ पड़े। फ्लैट में एक परिवार फंसा था। तिवारी एक महिला और दो बच्चों को बचाने में सफल रहे, लेकिन खुद अंदर फंस गए।
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बेबस तिवारी 19वीं मंजिल पर फ्लैट की बालकनी की रेलिंग को पकड़े हुए और नीचे गिरने से पहले झूलते हुए का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जबकि दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। उन्हें केईएम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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तिवारी के कुछ सहयोगियों ने कहा कि वह नियमित चक्कर लगा रहे थे कि अचानक आग का अलार्म बज गया और इमारत के सुरक्षा गार्डों को 19 वीं मंजिल के फ्लैट में आग लगने का पता चल गया। उसके बाद वह और अन्य गार्ड दमकल की मदद से आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। शॉर्ट सर्किट के कारण जिस फ्लैट में आग लगी थी उसमें एक महिला और दो बच्चे थे।
उन्होंने बताया कि गार्डों ने उन्हें बचाया और आग बुझाने के यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन जल्द ही फ्लैट घने काले धुएं से भर गया, जिससे सांस लेना असंभव हो गया, इसलिए वे फ्लैट से भाग गए। हालांकि, तिवारी उसी में अंदर फंस गए थे। उनके एक सहयोगी ने कहा कि उन्हें शायद अपना रास्ता नहीं मिल सका क्योंकि आग फ्लैट के दरवाजे के पास तक लगी थी।
सहकर्मी ने कहा, उसने मुझे मेरे मोबाइल पर फोन किया। दरवाजे से भागना नामुमकिन था, इसलिए मैंने उसे बालकनी के एक कोने में तब तक इंतजार करने को कहा, जब तक दमकल की गाड़ी बचाव के लिए नहीं आ जाती। एक अन्य सहयोगी ने कहा कि तिवारी ने संभवतः नीचे की मंजिल पर छोटी क्यूबिकल बालकनी पर उतरने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक लटकने के बाद नीचे गिर गए।
उनके सहयोगियों ने कहा कि तिवारी, जो उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के पास एक गाँव के रहने वाले थे, पिछले आठ वर्षों से वन अविघना पार्क में काम कर रहे थे और इमारत में हर कोई उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में जानता था।