News Updates: पांच रेलवे अफसर भ्रष्टाचार में संलिप्त, जबरन सेवानिवृत्ति की सिफारिश; CJP की फंडिंग जांच की मांग
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रेल मंत्रालय की समीक्षा समितियों ने खराब प्रदर्शन और भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल ग्रुप ए के अपने पांच अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की है। अनुशंसित अधिकारियों में भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के दो अधिकारी, भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के एक अधिकारी, उत्तर रेलवे में भारतीय रेलवे विद्युत अभियंता सेवा के एक अधिकारी और पश्चिमी रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के एक अधिकारी शामिल हैं। मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि समीक्षा समितियों ने ये सिफारिशें भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के अलग-अलग प्रावधानों के तहत जनहित में की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि समीक्षा समितियों ने तय प्रक्रिया के अनुसार अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड का विस्तार से आकलन किया। सिफारिशें करने से पहले इन अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट, ईमानदारी के रिकॉर्ड, सतर्कता से मिली जानकारी, अनुशासनात्मक इतिहास और सर्विस से जुड़े अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच की गई। रेलवे ने कहा कि वह भ्रष्टाचार, ईमानदारी की कमी और कार्य-अक्षमता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। सार्वजनिक सेवा में अनुशासन और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
आरटीआई कार्यकर्ता ने की कॉकरोच जनता पार्टी के फंड की जांच की मांग
गुजरात के एक आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता सेवानिवृत्त महाराष्ट्र सरकारी के कर्मचारी भगवानराव दीपके की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की है। सूरत में रहने वाले तिवारी ने कहा कि बेटे की विदेश में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया, इसकी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय जीएसटी विभाग को भी पत्र लिखा है। राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने एनईईटी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा सोमवार को की थी।