'छात्र नहीं, मोदी जी माफी मांगे': पीएम के वीडियो के बाद राहुल गांधी का पलटवार; और क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की। यह बयान प्रधानमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उस वीडियो के बाद आया, जिसमें उन्होंने छात्रों को माफ करने की बात कही थी।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की परेशानियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को उन छात्रों और परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिनकी मेहनत, समय, सपने और भविष्य पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छीन लिया।
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 1, 2026
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे… https://t.co/vBNOyxJKSu
राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-'अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना- इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता। यह एक ऐसा गम है जो उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा। इसके साथ ही इस टूटी और भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल भी हमेशा खड़े रहेंगे। पेपर लीक, रद्द परीक्षाएं और वर्षों की तैयारी का एक पल में बर्बाद हो जाना हमारे छात्रों से उस व्यवस्था में ईमानदारी से मेहनत करने की उम्मीद की जाती है, जो खुद बेईमान हो चुकी है। और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को 'माफ' करने की बात करते हैं। क्या वे उन शोकाकुल परिवारों से मिले हैं जिन्होंने अपने बच्चे को खो दिया? क्या वे उन छात्रों से मिले हैं जिनकी जमा-पूंजी, जीवन का बहुमूल्य समय और सपने पेपर लीक ने छीन लिए? जवाब है नहीं। भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है। मोदी जी को उनसे माफी मांगनी चाहिए।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर क्यों उठाए सवाल?
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और वर्षों की तैयारी का बेकार हो जाना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका आरोप है कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं।
राजनीतिक बयानबाजी क्यों तेज हुई?
प्रधानमंत्री के वीडियो और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार विभिन्न परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार के लिए उठाए गए कदमों का हवाला देती रही है।
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पीएम मोदी ने कल जारी किया था वीडियो
बता दें कि राहुल गांधी ने यह बात प्रधानमंत्री मोदी के उस वीडियो के बाद कही है जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार देर रात जारी किया था। उस वीडियो में प्रधानमंत्री ने प्रदर्शन के दौरान उन्हें प्रदर्शनकारियों की तरफ से दी गई गालियों पर उन्हें माफ करने की बात कही थी।