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PM Modi: नए IAS ऑफीसर्स को मोदी का मंत्र, वर्क कल्चर बदलने और जमीनीस्तर पर लोगों के लिए काम करने दी सलाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 07 Oct 2022 10:55 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री मोदी ने आईएएस अधिकारियों को जिलों में काम करने के दौरान डिजिटली निर्भर रहने के अलावा फील्ड में उतरकर लोगों के बीच समय गुजारने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को अपनी तैनाती वाली जगह पर ऐसा काम करने की अपील की है, जिससे लोग उन्हें हमेशा याद रखें।
पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : ट्विटर
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सहायक सचिव कार्यक्रम 2022 के समापन दौरान 2020 बैच के IAS अधिकारियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम ने कहा कि आने वाले समय में अपने अंदर अलग सोच रखने के साथ एक होलिस्टिक अप्रोच डेवलप करने की जरुरत है। उन्होंने अधिकारियों से इनोवेशन के महत्व को समझने और देश के वर्क कल्चर का हिस्सा बनाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने जिलों में काम करने के दौरान आईएएस अधिकारियों को केवल डिजिटली निर्भर न रहकर फील्ड में उतरकर लोगों के बीच समय गुजारने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को अपनी तैनाती वाली जगह पर ऐसा काम करने की अपील की है, जिससे लोग उन्हें हमेशा याद रखें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा उस समय वह अलग-अलग विभागों के प्रमुख और सचिव बन चुके होंगे। सभी जमीनीस्तर पर काम करें और आमलोगों की परेशानियों को समझकर उन्हें हल करें। उन्होंने कहा कि सभी को एक सफल अधिकारी के तौर पर आमलोगों से जुड़ा रहना चाहिए। इस मौके पर मोदी ने तीन माह के लिए 63 मंत्रालयों और विभागों के साथ सहायक सचिव के तौर पर काम करने वाले 175 अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अमृत काल में एक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने में अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने लीक से हटकर चिंतन करने और अपने प्रयासों में समग्र दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस तरह के समग्र दृष्टिकोण के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति मास्टर प्लान का उदाहरण दिया।
संबोधन के दौरान पीएम ने अधिकारियों को राष्ट्र की सेवा के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने अपने कर्तव्यों को निभाने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 'राजपथ' की मानसिकता अब 'कर्तव्य पथ' की भावना में बदल गई है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा उस समय वह अलग-अलग विभागों के प्रमुख और सचिव बन चुके होंगे। सभी जमीनीस्तर पर काम करें और आमलोगों की परेशानियों को समझकर उन्हें हल करें। उन्होंने कहा कि सभी को एक सफल अधिकारी के तौर पर आमलोगों से जुड़ा रहना चाहिए। इस मौके पर मोदी ने तीन माह के लिए 63 मंत्रालयों और विभागों के साथ सहायक सचिव के तौर पर काम करने वाले 175 अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अमृत काल में एक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने में अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने लीक से हटकर चिंतन करने और अपने प्रयासों में समग्र दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस तरह के समग्र दृष्टिकोण के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति मास्टर प्लान का उदाहरण दिया।
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संबोधन के दौरान पीएम ने अधिकारियों को राष्ट्र की सेवा के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने अपने कर्तव्यों को निभाने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 'राजपथ' की मानसिकता अब 'कर्तव्य पथ' की भावना में बदल गई है।