West Bengal LIVE: फलता में पुनर्मतदान जारी; टीएमसी के जहांगीर खान ने छोड़ी चुनावी रेस, 24 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर आज सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान शुरू हो गया। EVM से कथित छेड़छाड़ और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था। मतदान सुबह 7 बजे से जारी है और सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। सीट पर कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि चुनाव आयोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पल-पल के अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।
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निर्वाचन आयोग ने 29 अप्रैल को दूसरे चरण में हुए मतदान के दौरान गंभीर चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों के बाद पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था। उस दौरान कई बूथों से EVM के साथ कथित छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप था कि मशीनों पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थी।
इस मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग के पूर्व विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने क्षेत्र का दौरा किया था। जांच में कम से कम 60 बूथों पर कथित छेड़छाड़ के सबूत मिले। इसके अलावा कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज से छेड़छाड़ की कोशिशों का भी पता चला। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारियों, प्रिसाइडिंग अधिकारियों और चुनाव कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे।
60 बूथों पर गड़बड़ी के आरोपों के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
पुनर्मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रत्येक बूथ पर आठ सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं, जबकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं।
इस सीट पर कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को चुनाव से हटने की घोषणा की थी, लेकिन आधिकारिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उनका नाम EVM में बना हुआ है। भाजपा के देबांग्शु पांडा, CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला भी चुनाव मैदान में हैं। फलता सीट पर 2001 से तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालांकि 2006 के विधानसभा चुनाव में CPI(M) ने यहां जीत दर्ज की थी।
पुनर्मतदान से पहले जहांगीर खान ने अपना नाम क्यों वापस लिया?
इसी बीच, जहांगीर खान ने मंगलवार को पुनर्मतदान से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह फलता की शांति, विकास और बेहतर भविष्य चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से फलता के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जा रहा है और इसी कारण उन्होंने चुनावी मुकाबले से हटने का फैसला लिया।
हालांकि, टीएमसी ने साफ किया कि जहांगीर खान का फैसला उनका व्यक्तिगत निर्णय है और पार्टी ने उन्हें ऐसा करने के लिए नहीं कहा था। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के चलते फलता में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।