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रोहतांग टनल को लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करने की कवायद, जानें देश की बड़ी सुरंगों के बारे में

Sun, 23 Dec 2018 12:04 PM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shani Mishra Updated Sun, 23 Dec 2018 12:04 PM IST
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Rohtang tunnel complete before lok sabha elections here are some big tunnels
Rohtang tunnel - फोटो : self
हिमाचल प्रदेश सरकार रोहतांग टनल को जल्द पूरा कराना चाहती है। लोकसभा चुनाव से पहले इसे तैयार करने की योजना है। हिमाचल कैबिनेट के दो मंत्रियों ने भी हाल ही में इसके निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया था। व्यास नदी पर बन रही यह सुरंग दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग है।


इस सुरंग के निर्माण में तकरीबन 4000 करोड़ की लागत आई है। बताया जा रहा है कि हिमाचल सरकार इस सुरंग को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ज नाम पर रख सकती है। यह सुरंग एक ओर लेह लद्दाख तो दूसरी ओर लाहौल घाटी के लोगों को मनाली से जोड़े रखेगी। अभी तक करीब छह माह रोहतांग में भारी बर्फबारी होने की वजह से सारा इलाका कटा रहता है। 

भारत में ऐसी कई सुरंगे है जो यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ बेहतरीन इंजीनियरिंग का नमूना भी पेश करती हैं। आइये आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ सुरंगों के बारे में-
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घाट की गुनी सुरंग - फोटो : wikipedia

घाट की गुनी सुरंग, राजस्थान

राजस्थान की इस सुरंग की लंबाई  2.8 किलोमीटर है। कुल 18 मीटर चौड़ी टनल की सीसी रोड में 4.5 मीटर चौड़ाई की चार लेनें बनाई गई हैं। जयपुर के पूर्वी हिस्से से प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए यह एकमात्र यही सुरंग है। इस सुरंग के आसपास कई ऐतिहासिक इमारतें है। इसका निर्माण झलाना हिल्स पर बनाया गया है। पूरे रास्ते पर आधुनिक लाइटें भी लगाई गई हैं। टनल में लाइटिंग के लिए प्रवेश द्वार पर 11 केवी क्षमता का सब स्टेशन खड़ा है। 

इसे जुड़वा सुरंग के रूप में भी जाना जाता है।  दो लेन जवाहर नगर बाईपास से होकर आगरा रोड की तरफ जाने के लिए तथा दो लेन आगरा रोड से टनल होकर शहर तथा दिल्ली बाईपास की तरफ जाने के लिए हैं। 
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जवाहर सुरंग

जवाहर सुरंग, जम्मू-कश्मीर

यह सुरंग बनिहाल सुरंग के नाम से भी जानी जाती है। 2.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग जम्मू से कश्मीर घाटी को जोड़ती है। यह साल 1956 से निरंतर रूप से चालू है। जवाहर सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग 1ए पर बनिहाल और काजीगुंड के बीच स्थित है। इस सुरंग के कारण जम्मू और श्रीनगर के साल भर सड़क यातायात जारी रहता है। यह सुरंग 2,194 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

सुरक्षा के लिए इसपर चौबीस घंटे सेना की निगरानी रहती है और सुरंग के अंदर किसी भी प्रकार की तस्वीर लेने पर सख़्त प्रतिबंध है। किसी वाहन के अंदर प्रवेश करने पर उसका सामान्य गति से बिना रुके चलते रहना अनिवार्य है और स्थान-स्थान पर लगे कैमरों से अन्दर की हर परिस्थिति पर नजर रखी जाती है।
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ऑट सुरंग

ऑट सुरंग, चंडीगढ़

ऑट सुरंग चंडीगढ़ से मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-21 का हिस्सा है। 2.76 किलोमीटर लंबी यह सुरंग लार्जी बांध जलाशय के पास स्थित है। इस सुरंग की वजह से पर्यटन के लिए आने वाले सैलानियों को कुल्लू-मनाली जाने में आसानी होती है। 

 

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चेनानी-नशरी सुरंग

चेनानी-नशरी सुरंग, जम्मू एवं कश्मीर

9.2 किमी की यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। यह उधमपुर जिले के चेनानी को रामबन जिले के नशरी से जोड़ती है। यह सुरंग जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग का हिस्सा है और शिवालिक पहाड़ियों के बीच बनी हुई है। श्रीनगर और जम्मू का रास्ता दो घंटे में पूरा हो जाता है। इस सुरंग के निर्माण से जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी 30 किलोमीटर तक काम हो गई। सुरंग के निर्माण में लगभग 2500 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
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