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Kerala: केरल हाईकोर्ट में नए जजों की नियुक्ति को हरी झंडी, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दो नामों को दी मंजूरी

आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Tue, 14 Apr 2026 06:13 PM IST
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Supreme Court Collegium recommends elevation of 2 advocates as judges of Kerala HC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केरल हाई कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने मंगलवार को हुई बैठक में वकील प्रीता अरविंदन कृष्णम्मा और लिज़ मैथ्यू एंथ्रापर के नामों को मंजूरी दी।

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कॉलेजियम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 14 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में इन दोनों वकीलों को केरल हाई कोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बयान में स्पष्ट रूप से दोनों नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इन्हें जज बनाए जाने की सिफारिश की जाती है।
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 कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों को कर्नाटक हाई कोर्ट के जज बनाने की सिफारिश की

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की।शीर्ष अदालत के कॉलेजियम ने कहा कि 14 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में उसने कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में न्यायिक अधिकारियों राजेश्वरी नारायण हेगड़े, केदंबाडी गणेश शांति और महादेवप्पा ब्रुंगेश की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

बयान में कहा गया, "सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 अप्रैल 2026 को हुई अपनी बैठक में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है (1) राजेश्वरी नारायण हेगड़े, (2) केदंबाडी गणेश शांति, और (3) महादेवप्पा ब्रुंगेश।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम, जिसमें देश के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम जज शामिल होते हैं, उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों और तबादलों की सिफारिश करने वाली प्रमुख संस्था है।
हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है। प्रक्रिया ज्ञापन (MoP) के अनुसार, नियुक्ति का प्रस्ताव संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शुरू किया जाता है। यदि मुख्यमंत्री किसी नाम की सिफ़ारिश करना चाहते हैं, तो वह प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीश को भेजा जाता है।

इसके बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर, प्रस्ताव और उससे जुड़े सभी दस्तावेज केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री को भेजते हैं। केंद्र सरकार प्रस्ताव की समीक्षा करती है और आवश्यक पृष्ठभूमि जानकारी जुटाने के बाद इसे मुख्य न्यायाधीश के पास भेजती है। मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठतम जजों से परामर्श के बाद अंतिम सिफ़ारिश तैयार करते हैं और इसे केंद्र सरकार को भेजते हैं। आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रपति नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगाते हैं और राजपत्र में अधिसूचना जारी की जाती है।

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