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ईवीएम-वीवीपैट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जवाब के लिए विपक्षी नेताओं को दिए सात दिन
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 02 Apr 2019 03:22 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
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सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम के जरिये पड़ने वाले कुल वोटों में से 50 फीसदी का मिलान वीवीपैट से कराने की मांग वाली याचिका पर चुनाव आयोग के हलफनामे पर विपक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि हर लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र से 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान कराने से चुनाव परिणाम आने में देरी होगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत 21 विपक्षी नेताओं ने लोकसभा चुनाव में इस्तेमाल होने वाले ईवीएम और वीवीपैट में से 50 फीसदी का औचक निरीक्षण करने की मांग की है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए विपक्षी नेताओं को एक सप्ताह का वक्त देते हुए सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी। पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि लोकसभा चुनावों की मतगणना 23 मई को है, लिहाजा आपके पास जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय है।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को अपने हलफनामे में कहा था कि हर लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र के हर विधानसभा से 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का औचक निरीक्षण करने से मतगणना में कम से कम छह दिनों का वक्त लगेगा। आयोग का कहना था कि हर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान की मौजूदा व्यवस्था पुख्ता है। मिलान के सैंपल में बढ़ोतरी करने से आत्मविश्वास के स्तर में नाममात्र की बढ़ोतरी होगी। मौजूदा सिस्टम 99.99 फीसदी पुख्ता है। अब तक 1500 मतदान केंद्रों के वीवीपैट का औचक निरीक्षण किया जा चुका है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए विपक्षी नेताओं को एक सप्ताह का वक्त देते हुए सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी। पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि लोकसभा चुनावों की मतगणना 23 मई को है, लिहाजा आपके पास जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय है।
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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को अपने हलफनामे में कहा था कि हर लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र के हर विधानसभा से 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का औचक निरीक्षण करने से मतगणना में कम से कम छह दिनों का वक्त लगेगा। आयोग का कहना था कि हर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान की मौजूदा व्यवस्था पुख्ता है। मिलान के सैंपल में बढ़ोतरी करने से आत्मविश्वास के स्तर में नाममात्र की बढ़ोतरी होगी। मौजूदा सिस्टम 99.99 फीसदी पुख्ता है। अब तक 1500 मतदान केंद्रों के वीवीपैट का औचक निरीक्षण किया जा चुका है।