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Ground Report: सियासी पर्दे पर विजय के बदलाव के वादों का चढ़ रहा रंग, मतदाताओं को भी लुभा रही सीटी

अमर उजाला, चेन्नई Published by: Nitin Gautam Updated Tue, 21 Apr 2026 06:07 AM IST
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सार

मशहूर अभिनेता विजय के राजनीति में उतरने से इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव रोचक हो गया है। विजय पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन युवाओं के साथ-साथ पारंपरिक मतदाता भी उनके साथ जुड़ रहे हैं। जमीनी माहौल को देखें तो विजय डीएमके के साथ एआईएडीएमके समेत सभी पार्टियों को नुकसान पहुंचाएंगे।

tamil nadu assembly election 2026 ground report vijay tvk impact on voters increasing
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अभिनेता से राजनेता बने विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से अपना सियासी पदार्पण कर रहे हैं। जमीनी स्तर से मिल रहे संकेतों के अनुसार, विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सत्तारूढ़ द्रमुक नहीं, बल्कि विपक्षी अन्नाद्रमुक, नाम तमिलर काची (एनटीके) और भाजपा को ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। टीवीके बदलाव के अपने वादों के जरिये सत्ताविरोधी वोटों के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों के पारंपरिक मतदाताओं को भी अपनी ओर खींच रही है। विजय के राजनीति में आने से अन्नाद्रमुक को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
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तमिलनाडु के शूलागिरी निवासी ज्ञानसुंदरी (42) ने अपनी दाईं कलाई पर अन्नाद्रमुक के चुनाव चिह्न दो पत्तियां का टैटू गुदवाया हुआ है। दिवंगत जयललिता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने हमेशा अम्मा की पार्टी को ही वोट दिया है, लेकिन पिछले चुनाव में मैंने द्रमुक को वोट दिया था। मुफ्त बस सेवा और मगलिर उरिमै थित्तम के तहत हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये मेरे लिए बहुत फायदेमंद हैं। अब मैं पूरी तरह से द्रमुक के साथ हूं। ज्ञानसुंदरी के बगल में बस स्टॉप पर खड़े केपी मुनिस्वामी अन्नाद्रमुक के पुराने वोटर हैं। हालांकि, इस बार वह और उनका परिवार विजय की टीवीके का समर्थन कर रहे हैं। उनके परिवार में आठ वोट हैं। उन्होंने कहा कि विजय को एक मौका देकर देखते हैं कि वह क्या करते हैं। वही दो पार्टियां बार-बार सत्ता में चुनी जाती रही हैं। अब बदलाव का समय आ गया है। 23 अप्रैल को मतदान से पहले, एक मौका, बदलाव के लिए, वह हालात बेहतर बनाएगा और नए लोगों को सत्ता में आने दो जैसे नारे अब लाखों मतदाताओं की जुबान पर चढ़ चुके हैं। इन मतदाताओं में पहली बार वोट करने वाले युवा भी शामिल हैं। ब्यूरो
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एनटीके-भाजपा समर्थक परेशान
मतदाताओं का यह उत्साह एनटीके जैसी पार्टियों को परेशान कर रहा है। कृष्णागिरि के सब्जी किसान और एनटीके जिला समिति के सदस्य मुरुगेसन, उन महिलाओं और युवाओं से नाराज हैं, जो विजय को वोट देना चाहते हैं। वे कहते हैं, विजय ने लोगों के लिए क्या किया है? सीमान लोगों के मुद्दों के लिए लड़ते हैं और युवाओं को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। जो लोग विजय का समर्थन कर रहे हैं, वे अभिनेता और नीति-निर्माता के बीच फर्क नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, नाई की दुकान चलाने वाले वासु इस बात से निराश हैं कि भाजपा ने अन्नामलाई को किनारे कर दिया है। कहते हैं, मैं अब विजय को वोट दूंगा।

अन्नाद्रमुक को ज्यादा नुकसान
द्रमुक ने 2021 के विधानसभा चुनावों में अकेले ही 133 सीटें जीतीं और 37.7 प्रतिशत वोट हासिल किया। द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 45.3% वोट के साथ 159 सीटें जीतीं। इस चुनाव में, भले ही द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन को विजय की टीवीके या अन्य पार्टियों के हाथों वोटों का नुकसान हो जाए, फिर भी संभवतः सबसे ज्यादा वोट शेयर इसी के पास रहेगा। द्रमुक अपने वोटों को बनाए रखने के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर भी काफी हद तक निर्भर है। एनटीके व भाजपा को भले ही टीवीके की वजह से काफी वोटों का नुकसान हो रहा हो, लेकिन जिस पार्टी की साख सबसे ज्यादा दांव पर है, वह निस्संदेह अन्नाद्रमुक है। पलानीस्वामी शायद पार्टी को अधिक सीटें जिताने में कामयाब हो जाएं, लेकिन हालात मुश्किल होने वाले हैं।

रुझान विपक्ष के पक्ष में नहीं
जमीनी स्तर से मिल रहे रुझानों से लग रहा है कि अन्नाद्रमुक ने शायद इससे पहले कभी जयललिता की कमी इतनी गहराई से महसूस नहीं की होगी। पार्टी की समर्थक महिलाएं और बुजुर्ग मतदाता उनकी गैरहाजिरी का हवाला देते हुए, टीवीके की ओर रुख करते नजर आ रहे हैं।
  • तमिलनाडु की सियासत में विजय के प्रवेश से ए. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक, गैर-एकजुट भाजपा और सीमान की नाम तमिलर काची (एनटीके) नुकसान में जाती दिख रही हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि सत्ताधारी द्रमुक के वोट टीवीके नहीं काट रही है।
  • द्रमुक के समर्थक भी टीवीके की ओर जा रहे हैं। हालांकि, टीवीके, द्रमुक के मतदाताओं की तुलना में एनटीके, अन्नाद्रमुक और भाजपा के मतदाताओं को कहीं अधिक संख्या में अपनी ओर खींच रही है।

द्रमुक के मतदाता भी टीवीके की ओर हो रहे आकर्षित
इरोड पश्चिम के शनमुगम (64) ने कहा कि मैं जिंदगी भर द्रमुक का मतदाता रहा हूं। एक समय तो ऐसा भी आया था, जब मैंने अपने घर को द्रमुक के रंगों लाल और काले से रंगवा दिया था, लेकिन इसबार, मैं न सिर्फ टीवीके को वोट दे रहा हूं, बल्कि अपने परिवार को भी ऐसा ही करने के लिए बढ़-चढ़कर प्रोत्साहित कर रहा हूं। करूर निवासी कौसलाई दूसरी बार वोट डालेंगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपना पहला वोट एनटीके को दिया था। इस बार, शायद विजय बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि वह लोगों के लिए बहुत कुछ अच्छा करने का वादा कर रहे हैं।

स्टारडम के चलते विजय को चाहने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
विजय को मिलने वाला समर्थन अभिनेता के तौर पर उनके प्रति प्रेम के चलते हैं, न कि राजनेता के तौर पर । विजय के राजनीति में आने से उनके प्रशंसकों के बीच काफी हलचल है। ज्यादा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं को टीवीके उम्मीदवारों के नाम भी याद नहीं हैं, लेकिन वे पूरे यकीन से कह रहे हैं कि वे विजय को वोट देना चाहते हैं। 




 
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