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तेजस क्रैश की खबर: HAL का दावा- ग्राउंड पर मामूली तकनीकी खामी; लैंडिंग के दौरान हुई थी घटना,पायलट सुरक्षित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 23 Feb 2026 04:43 PM IST
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सार

भारत का स्वदेशी फाइटर जेट- एलसीए तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एलसीए तेजस से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी। इससे पहले आई रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान रनवे से आगे निकल गया, जिससे उसके एयरफ्रेम को गंभीर नुकसान पहुंचा। जानिए पूरा मामला

Tejas Fighter Jet Overshoots Runway, IAF Grounds Fleet After Brake Failure Suspected
तेजस लड़ाकू विमान - फोटो : ANI
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विस्तार

भारत के स्वदेशी फाइटर जेट- एलसीए तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों पर आज हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने आधिकारिक बयान दिया। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने विमान के क्रैश होने संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स पर कहा, कुछ खबरों में तथ्यों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। कंपनी ने साफ किया है कि एलसीए तेजस विमान के किसी भी प्रकार के दुर्घटनाग्रस्त होने की कोई घटना नहीं हुई है। गौरतलब है कि एलसीए तेजस विमान का निर्माण एचएएल द्वारा किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टस में एलसीए तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही गई थी। 

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सोमवार को जारी बयान में एचएएल ने कहा, जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है वह उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर घटित एक मामूली तकनीकी घटना थी। इसे नियमित रखरखाव और मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत तुरंत संभाल लिया गया। इस घटना से किसी प्रकार की बड़ी क्षति या जनहानि की कोई सूचना नहीं है। 
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कंपनी का कहना है कि एलसीए तेजस दुनिया के समकालीन लड़ाकू विमानों में सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा रिकॉर्ड रखने वाले विमानों में शामिल है। यह स्वदेशी लड़ाकू विमान अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स और सख्त सुरक्षा मानकों के लिए जाना जाता है। एचएएल ने यह भी बताया कि मानक प्रक्रिया के तहत तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। कंपनी इस मामले में भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी समस्या का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। '

कंपनी ने अपील की है कि आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाई जाएं और केवल प्रमाणित जानकारी ही प्रसारित की जाए। एचएएल ने दोहराया कि तेजस कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित, विश्वसनीय और देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करने वाला है। इस स्पष्टीकरण के साथ एचएएल ने स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि एलसीए तेजस पूरी तरह सुरक्षित है और संचालन में कोई व्यवधान नहीं है। 

क्या है पूरा मामला?
इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) का एक तेजस हल्का लड़ाकू विमान 7 फरवरी को एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया। प्रारंभिक आशंका ब्रेक फेल होने की जताई गई। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि विमान के एयरफ्रेम को गंभीर क्षति पहुंची, हालांकि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि विमान प्रशिक्षण उड़ान पूरी कर बेस पर लौट रहा था। इस घटना पर अब तक वायुसेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पूरी तेजस फ्लीट की तकनीकी जांच
घटना के बाद एहतियातन वायुसेना ने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों को व्यापक तकनीकी जांच के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंडेड कर दिया है। विशेषज्ञ टीमें ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं। यह तेजस विमान से जुड़ी तीसरी दुर्घटना है। इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं नवंबर 2025 में दुबई एयर शो के दौरान भी एक तेजस विमान हादसे का शिकार हुआ था।

डिलीवरी में देरी के बीच नया झटका
यह ताजा हादसा ऐसे समय हुआ है जब तेजस बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहले से ही तेजस Mk-1A की आपूर्ति में देरी को लेकर दबाव में है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में 97 और तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपये का दूसरा समझौता हुआ। डिलीवरी में देरी का मुख्य कारण अमेरिकी कंपनी द्वारा इंजन आपूर्ति में समयसीमा का पालन न करना बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि इस साल के अलावा बीते वर्ष रक्षा क्षेत्र में कई बड़े व प्रमुख अनुबंध हुए। इनमें 97 तेजस एलसीए एमके 1ए खरीद हेतु एचएएल के साथ अनुबंध भी शामिल है। वहीं, 17 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री ने एचएएल के नासिक परिसर में एलसीए एमके 1ए की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया था। एलसीए एमके 1ए की वार्षिक उत्पादन क्षमता 24 विमानों तक पहुंच गई है। एलसीए तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) भारत के हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इंजन की सप्लाई कर रही है।

अमेरिकन कंपनी- जनरल इलेक्ट्रिक व एचएएल के बीच यह समझौता भारत के इस स्वदेशी लड़ाकू विमान के इंजन को लेकर है। समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन सप्लाई किए जाएंगे। जेट इंजन की ये सप्लाई वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है। दुबई एयर शो 2025 में यह भारतीय लड़ाकू विमान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में क्रैश हो गया था। इस हादसे के बाद एचएएल ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण पत्र जारी किया था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि यह घटना पूरी तरह से असाधारण परिस्थितियों में हुई एक एकाकी घटना है। 

इनपुट-IANS

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