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Lok Sabha Resolution: कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित, TMC सांसद पर क्या लगे हैं आरोप?
Wed, 22 Jul 2026 02:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:35 PM IST
सार
तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा से पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने पार्टी के बागी सांसद को 'चोर' कहा, जिसके बाद सदन में विवाद बढ़ गया। जानिए संसद में हुए इस टकराव और टीएमसी में चल रही खींचतान का पूरा मामला।
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कल्याण बनर्जी, टीएमसी सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया।
मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक, सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा के लिए अड़े रहे।
कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगा?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब आरोप है कि बनर्जी ने टीएमसी के बागी सांसद को 'चोर' कहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित हुई। फिर सदन के अंदर टकराव की स्थिति बन गई।
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किन सांसदों से हुआ कल्याण बनर्जी का विवाद?
आज पहले कल्याण बनर्जी का एनसीपीआई सांसदों मिताली बैग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार समेत अन्य सांसदों के साथ बहस हुई थी। ये तीनों पहले टीएमसी से जुड़ी थीं। लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हो गईं।
विवाद के दौरान क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं। उनको सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन सांसदों के साथ बहस करते हुए देखा गया। हालांकि, इस विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। कुछ सदस्यों ने जब कल्याण बनर्जी से पूछा कि आखिर क्या हुआ था, तो वह लोकसभा कक्ष से बाहर चले गए।
मामले को लेकर स्पीकर से क्यों मिले सांसद?
इस विवाद के बाद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और अन्य एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।
ये भी पढ़ें: Opposition Protest LIVE: राहुल गांधी चार बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रियंका ने केंद्र पर साधा निशाना
स्पीकर ने क्या कदम उठाया?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने एनसीपीआई सांसदों से इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देने को कहा है। यह विवाद तृणमूल कांग्रेस में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया।
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मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक, सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा के लिए अड़े रहे।
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कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगा?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब आरोप है कि बनर्जी ने टीएमसी के बागी सांसद को 'चोर' कहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित हुई। फिर सदन के अंदर टकराव की स्थिति बन गई।
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किन सांसदों से हुआ कल्याण बनर्जी का विवाद?
आज पहले कल्याण बनर्जी का एनसीपीआई सांसदों मिताली बैग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार समेत अन्य सांसदों के साथ बहस हुई थी। ये तीनों पहले टीएमसी से जुड़ी थीं। लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हो गईं।
विवाद के दौरान क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं। उनको सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन सांसदों के साथ बहस करते हुए देखा गया। हालांकि, इस विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। कुछ सदस्यों ने जब कल्याण बनर्जी से पूछा कि आखिर क्या हुआ था, तो वह लोकसभा कक्ष से बाहर चले गए।
मामले को लेकर स्पीकर से क्यों मिले सांसद?
इस विवाद के बाद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और अन्य एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।
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स्पीकर ने क्या कदम उठाया?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने एनसीपीआई सांसदों से इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देने को कहा है। यह विवाद तृणमूल कांग्रेस में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया।