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Bangladesh: उद्धव का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- लोगों के धैर्य की परीक्षा न लें, बांग्लादेश से यही संदेश मिला
Wed, 07 Aug 2024 05:26 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:26 PM IST
सार
ठाकरे ने कहा कि बांग्लादेश में संघर्ष कर रहे और अत्याचार झेल रहे हिंदुओं को बचाना केंद्र सरकार का कर्तव्य है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन युद्ध को रुकवा सकते हैं तो बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाने के लिए भी पहल कर सकते हैं। उनके साथ न्याय करें।
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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से मुलाकात करते शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शेख हसीना को बांग्लादेश से निकलना पड़ा। बांग्लादेश की जनता से साफ तौर पर संदेश दिया कि वे सर्वोच्च हैं और उनके धैर्य की परीक्षा न ली जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह बांग्लादेश में फंसे हिंदुओं को बचाने के लिए पहल करें।
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महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ठाकरे ने दिल्ली में विपक्षी विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान बांग्लादेश में राजनीतिक अराजकता को लेकर ठाकरे ने कहा कि क्या भारत में भी ऐसी स्थिति विकसित हो रही है? बांग्लादेश ने संदेश दिया है कि जनता ही सर्वोच्च है और नेताओं को उनके धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। अगर ऐसा किया जाता है तो जनता की अदालत क्या कर सकती है यह साफतौर पर बांग्लादेश में साफ तौर पर दिखा।
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उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे ही प्रदर्शन पिछले दिनों श्रीलंका और इस्राइल में देखने को मिले। जहां प्रधानमंत्री तक का घर से निकलना दूभर हो गया। बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों को रजाकार कहकर उनका अपमान किया गया। प्रदर्शनकारी किसानों को आतंकवादी करार दिया गया। बांग्लादेश की स्थिति हर किसी को चेतावनी दी है कि किसी को भी खुद को भगवान नहीं समझना चाहिए। सभी इंसान हैं।
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ठाकरे ने कहा कि बांग्लादेश में संघर्ष कर रहे और अत्याचार झेल रहे हिंदुओं को बचाना केंद्र सरकार का कर्तव्य है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन युद्ध को रुकवा सकते हैं तो बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाने के लिए भी पहल कर सकते हैं। उनके साथ न्याय करें। ठाकरे ने यह भी कहा कि मणिपुर के हालात खराब हैं। जम्मू-कश्मीर में हिंदू मारे जा रहे हैं और बांग्लादेश में भी हिंदू खतरे में हैं।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बांग्लादेश में आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन हुए। भारत में भी ऐसे मामले हैं, जिन पर लोकसभा में चर्चा की जानी चाहिए। अगर सरकार चाहती है कि इस तरह की स्थिति यहां न बने तो सरकार को कदम उठाने होंगे और इसमें शामिल लोगों से बात करनी चाहिए दरअसल, महाराष्ट्र में भी मराठा और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गर्माया हुआ है और सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा-एनसीपी और विपक्षी महाविकास अघाड़ी गठबंधन इसमें रुचि नहीं ले रहा है।
किसी को भी मुंबई को बर्बाद नहीं करने देंगे शरद पवार: उद्धव
धारावी विकास परियोजना को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार किसी को भी मुंबई को बर्बाद नहीं करने देंगे। ठाकरे ने कहा कि अदाणी मेरे दुश्मन नहीं हैं। मगर कोई मुंबई को बर्बाद करने आएग तो मैं भी इसकी अनुमति नहीं दूंगा। मुझे नहीं लगता की शरद पवार भी इसके लिए राजी होंगे। धारावी के लोगों को धारावी में ही घर दिए जाएं, क्योंकि वहां हर घर में छोटा व्यवसाय होता है। परियोजना में इसे भी शामिल किया जाए। अदाणी ग्रुप धारावी के लोगों को दूसरे स्थानों पर भेजना चाहता है। आप मुंबई में 20 धारावी बनाना चाहते हैं तो हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। ठाकरे ने कहा कि अगर अदाणी समूह ट्रांजिट कैंप स्थापित करना चाहता है तो हमने बांद्रा रिक्लेमेशन और हवाई अड्डे की पार्सल भूमि पर बना सकता है, जो समूह को दी गई है।