{"_id":"6a43252a0acde1d5b20df2ee","slug":"viksit-bharat-goal-pk-mishra-says-governance-will-be-data-driven-what-did-he-say-about-gdp-and-cpi-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकसित भारत लक्ष्य: प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव बोले- डाटा आधारित होगी शासन व्यवस्था, GDP-CPI पर क्या बोले?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
विकसित भारत लक्ष्य: प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव बोले- डाटा आधारित होगी शासन व्यवस्था, GDP-CPI पर क्या बोले?
Tue, 30 Jun 2026 07:38 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Tue, 30 Jun 2026 07:38 AM IST
सार
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्र ने कहा- विकसित भारत की ओर बढ़ने का सफर विश्वसनीय डाटा पर आधारित होना चाहिए। डिजिटल क्रांति से देश में प्रशासनिक डाटा का एक विशाल भंडार तैयार हुआ है। इससे सरकारी योजनाओं के बेहतर निर्माण व सही लाभार्थियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना संभव होगा।
विज्ञापन
डॉ. पीके मिश्र, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्र ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की शासन व्यवस्था को पूरी तरह से डाटा संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की बदलती और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों को उन्नत किया जा रहा है। इसके तहत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार वर्ष बदले जाएंगे।
यह भी पढ़ें- Explainer: मरीजों तक पहुंचने वाले टीके-दवा की होगी निगरानी, जानें नया नियम; कैसे एक कदम से रुकेंगी गड़बड़ियां?
डॉ. पीके मिश्र प्रख्यात सांख्यिकीयविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, पीएम मोदी की सोच के अनुसार, शासन का भविष्य डाटा-आधारित निर्णय लेने में निहित है। विकसित भारत की ओर बढ़ने का सफर विश्वसनीय डाटा पर आधारित होना चाहिए। डिजिटल क्रांति से देश में प्रशासनिक डाटा का एक विशाल भंडार तैयार हुआ है। इससे सरकारी योजनाओं के बेहतर निर्माण व सही लाभार्थियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना संभव होगा।
विज्ञापन
शासन स्तर पर समन्वय का आह्वान
डॉ. पीके मिश्र ने केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच अधिक समन्वय का आह्वान किया। परस्पर संचालित व एकीकृत डाटा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की वकालत की, जो गोपनीयता, सुरक्षा और गोपनीयता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए सुरक्षित डाटा साझाकरण की सुविधा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय और परस्पर संचालित डाटासेट शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जिम्मेदारी से अपनाने की नींव प्रदान करेंगे।
एआई और डाटा सुरक्षा
डॉ. पीके मिश्र ने कहा कि तकनीकी नवाचार के इस दौर में डाटा की गोपनीयता, सुरक्षा, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जाएगा, ताकि डाटा की विश्वसनीयता से समझौता न हो। डाटा की गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता व स्वतंत्रता के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा बनाने के प्रयास हो रहे हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Explainer: मरीजों तक पहुंचने वाले टीके-दवा की होगी निगरानी, जानें नया नियम; कैसे एक कदम से रुकेंगी गड़बड़ियां?
विज्ञापन
डॉ. पीके मिश्र प्रख्यात सांख्यिकीयविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, पीएम मोदी की सोच के अनुसार, शासन का भविष्य डाटा-आधारित निर्णय लेने में निहित है। विकसित भारत की ओर बढ़ने का सफर विश्वसनीय डाटा पर आधारित होना चाहिए। डिजिटल क्रांति से देश में प्रशासनिक डाटा का एक विशाल भंडार तैयार हुआ है। इससे सरकारी योजनाओं के बेहतर निर्माण व सही लाभार्थियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना संभव होगा।
विज्ञापन
शासन स्तर पर समन्वय का आह्वान
डॉ. पीके मिश्र ने केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच अधिक समन्वय का आह्वान किया। परस्पर संचालित व एकीकृत डाटा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की वकालत की, जो गोपनीयता, सुरक्षा और गोपनीयता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए सुरक्षित डाटा साझाकरण की सुविधा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय और परस्पर संचालित डाटासेट शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जिम्मेदारी से अपनाने की नींव प्रदान करेंगे।
एआई और डाटा सुरक्षा
डॉ. पीके मिश्र ने कहा कि तकनीकी नवाचार के इस दौर में डाटा की गोपनीयता, सुरक्षा, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जाएगा, ताकि डाटा की विश्वसनीयता से समझौता न हो। डाटा की गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता व स्वतंत्रता के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा बनाने के प्रयास हो रहे हैं।