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गृहस्थ आश्रम भारतीय जीवन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार : गायत्री देवी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। आर्य समाज मंदिर कठुआ में आयोजित 28वें अमृत कथा समारोह के तीसरे दिन वैदिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में कथा का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गायत्री देवी जी के प्रेरणादायी प्रवचन का लाभ प्राप्त किया।
अपने प्रवचन में गायत्री देवी जी ने वेदों के ज्ञान और वैदिक जीवन-पद्धति पर प्रकाश डालते हुए गृहस्थ जीवन, माता-पिता की भूमिका और युवा पीढ़ी के सामने खड़ी चुनौतियों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि गृहस्थ आश्रम भारतीय जीवन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, जिसमें प्रेम, संस्कार, अनुशासन और संवाद का वातावरण होना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चाहे बेटा हो या बेटी, यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ गया है तो माता-पिता को उससे दूरी बनाने के बजाय उसके साथ खड़े होकर उसे सही मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना परिवार एवं समाज की जिम्मेदारी है। अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए। विवेक, संयम और श्रेष्ठ कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। तीसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जम्मू-कश्मीर के महासचिव गोपाल महाजन उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में मिनर्वा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन मही पाल शर्मा, उद्योगपति बिट्टू बावा, भाजपा सिटी मंडल अध्यक्ष राहुल देव तथा संजय कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डी.ए.वी. कॉलेजिएट स्कूल लच्छीपुर की प्रधानाचार्य साक्षी सहगल अपने स्टाफ के साथ अमृत कथा सुनने पहुंचीं।
मुख्य अतिथि गोपाल महाजन ने प्रवचन की सराहना करते हुए कहा कि वेद, संस्कार, परिवार और युवा पीढ़ी से जुड़े विषयों पर इस प्रकार का मार्गदर्शन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती ने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य वेदों के शुद्ध ज्ञान, सत्य, सदाचार, शिक्षा और सामाजिक सुधार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। अमृत कथा जैसे आयोजन समाज में वैदिक संस्कारों और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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कठुआ। आर्य समाज मंदिर कठुआ में आयोजित 28वें अमृत कथा समारोह के तीसरे दिन वैदिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में कथा का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गायत्री देवी जी के प्रेरणादायी प्रवचन का लाभ प्राप्त किया।
अपने प्रवचन में गायत्री देवी जी ने वेदों के ज्ञान और वैदिक जीवन-पद्धति पर प्रकाश डालते हुए गृहस्थ जीवन, माता-पिता की भूमिका और युवा पीढ़ी के सामने खड़ी चुनौतियों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि गृहस्थ आश्रम भारतीय जीवन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, जिसमें प्रेम, संस्कार, अनुशासन और संवाद का वातावरण होना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चाहे बेटा हो या बेटी, यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ गया है तो माता-पिता को उससे दूरी बनाने के बजाय उसके साथ खड़े होकर उसे सही मार्ग पर लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना परिवार एवं समाज की जिम्मेदारी है। अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समझाया कि कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होना चाहिए। विवेक, संयम और श्रेष्ठ कर्म ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। तीसरे दिन के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जम्मू-कश्मीर के महासचिव गोपाल महाजन उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में मिनर्वा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन मही पाल शर्मा, उद्योगपति बिट्टू बावा, भाजपा सिटी मंडल अध्यक्ष राहुल देव तथा संजय कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डी.ए.वी. कॉलेजिएट स्कूल लच्छीपुर की प्रधानाचार्य साक्षी सहगल अपने स्टाफ के साथ अमृत कथा सुनने पहुंचीं।
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मुख्य अतिथि गोपाल महाजन ने प्रवचन की सराहना करते हुए कहा कि वेद, संस्कार, परिवार और युवा पीढ़ी से जुड़े विषयों पर इस प्रकार का मार्गदर्शन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया। आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती ने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य वेदों के शुद्ध ज्ञान, सत्य, सदाचार, शिक्षा और सामाजिक सुधार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। अमृत कथा जैसे आयोजन समाज में वैदिक संस्कारों और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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