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Kathua News: लंका दहन कर लौटे हनुमान, भगवान राम को बताया माता सीता का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 30 Mar 2026 02:05 AM IST
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धार डूगनु गांव में दृश्य का मंचन करते कलाकार। स्रोत रामलीला कमेटी।
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कोटी गांव में रामलीला का मंचन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। कोटी गांव में जारी रामलीला में शनिवार की रात को मंचन की शुरुआत हनुमान के लंका दहन कर लौटने से हुई। मंचन की शुरुआत में भगवान श्री राम और वानर सेना हनुमान के लंका लौटने का इंतजार कर रही थी। लंका दहन के बाद हनुमान वापस आए और भगवान राम को माता सीता के सही सलामत होने के बारे में सूचना दी। हनुमान ने माता सीता की ओर से दिए गए आभूषण भगवान राम को सौंपे।
मंचन में दूसरा दृश्य समुद्र को पार करने का था। इस दौरान भगवान राम ने समुद्र को नष्ट करने की ठानी जिसके बाद समुद्र देव प्रकट हुए और भगवान राम से क्षमा मांगी। वानर सेना ने समुद्र को पार करने के लिए राम नाम के पत्थरों को समुद्र में डाला। तीसरा दृश्य अंगद का गुप्तचर बनकर लंका पहुंचना और रावण को समझना था। अगले दृश्य में विभीषण ने अपने रावण को माता सीता को सकुशल भगवान राम के पास छोड़ने की सलाह दी। इसके बाद रावण ने विभीषण को लंका से निकाल दिया। अंतिम दृश्य में विभीषण भगवान राम की शरण में चले गए और इसके बाद भगवान राम और विभीषण की मित्रता हुई।
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बिलावर। कोटी गांव में जारी रामलीला में शनिवार की रात को मंचन की शुरुआत हनुमान के लंका दहन कर लौटने से हुई। मंचन की शुरुआत में भगवान श्री राम और वानर सेना हनुमान के लंका लौटने का इंतजार कर रही थी। लंका दहन के बाद हनुमान वापस आए और भगवान राम को माता सीता के सही सलामत होने के बारे में सूचना दी। हनुमान ने माता सीता की ओर से दिए गए आभूषण भगवान राम को सौंपे।
मंचन में दूसरा दृश्य समुद्र को पार करने का था। इस दौरान भगवान राम ने समुद्र को नष्ट करने की ठानी जिसके बाद समुद्र देव प्रकट हुए और भगवान राम से क्षमा मांगी। वानर सेना ने समुद्र को पार करने के लिए राम नाम के पत्थरों को समुद्र में डाला। तीसरा दृश्य अंगद का गुप्तचर बनकर लंका पहुंचना और रावण को समझना था। अगले दृश्य में विभीषण ने अपने रावण को माता सीता को सकुशल भगवान राम के पास छोड़ने की सलाह दी। इसके बाद रावण ने विभीषण को लंका से निकाल दिया। अंतिम दृश्य में विभीषण भगवान राम की शरण में चले गए और इसके बाद भगवान राम और विभीषण की मित्रता हुई।
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