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Kathua News: मजदूरों और मेहनतकशों के हालात पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 02 May 2026 02:00 AM IST
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मई दिवस पर शहीद भगत सिंह पार्क में बैठक करते किसान व मजदूर संगठन के कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Samvad
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मई दिवस के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के बैनर तले विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में मई दिवस पर बैठक का आयोजन किया। इस अवसर पर मई दिवस शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही मजदूरों, किसानों और मेहनतकश वर्ग की लगातार बिगड़ती हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सदस्यों ने चार लेबर कोड वापस लेने की मांग, किसानों की उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेने और सभी नागरिकों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई। श्रमिक नेता हरि सिंह ने कहा कि श्रम कानूनों को मजबूत कर सख्ती से लागू करना मौजूदा समय की जरूरत है। उन्होंने पर्याप्त बजट प्रावधान के साथ मनरेगा में सुधार करते हुए प्रतिवर्ष 200 दिनों का रोजगार देने और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बीबी राम जी योजना को वापस लेने, अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को रद्द करने और सभी सरकारी दफ्तरों में खाली पदों को भरने की मांग भी उठाई।
किसान तहरीक के नेता बनारसी दास ने कहा कि मौजूदा समय में किसानों और मजदूरों की दशा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेलफेयर स्टेट का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है। सरकार केवल पूंजीपतियों को बढ़ावा देने में लगी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी क्षेत्र का निजीकरण राष्ट्रहित के लिए ठीक नहीं है। कार्यक्रम में जगदीश चंद्र, रूपचंद, संजय कुमार, किशोरी लाल, रूकुमुद्दीन, लालचंद सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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कठुआ। जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के बैनर तले विभिन्न किसान-मजदूर संगठनों ने शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में मई दिवस पर बैठक का आयोजन किया। इस अवसर पर मई दिवस शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही मजदूरों, किसानों और मेहनतकश वर्ग की लगातार बिगड़ती हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सदस्यों ने चार लेबर कोड वापस लेने की मांग, किसानों की उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेने और सभी नागरिकों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई। श्रमिक नेता हरि सिंह ने कहा कि श्रम कानूनों को मजबूत कर सख्ती से लागू करना मौजूदा समय की जरूरत है। उन्होंने पर्याप्त बजट प्रावधान के साथ मनरेगा में सुधार करते हुए प्रतिवर्ष 200 दिनों का रोजगार देने और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बीबी राम जी योजना को वापस लेने, अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को रद्द करने और सभी सरकारी दफ्तरों में खाली पदों को भरने की मांग भी उठाई।
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किसान तहरीक के नेता बनारसी दास ने कहा कि मौजूदा समय में किसानों और मजदूरों की दशा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेलफेयर स्टेट का कॉन्सेप्ट खत्म हो चुका है। सरकार केवल पूंजीपतियों को बढ़ावा देने में लगी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी क्षेत्र का निजीकरण राष्ट्रहित के लिए ठीक नहीं है। कार्यक्रम में जगदीश चंद्र, रूपचंद, संजय कुमार, किशोरी लाल, रूकुमुद्दीन, लालचंद सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
