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Kathua News: युवक की पिटाई से पुलिस के खिलाफ फूटा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 02 May 2026 01:53 AM IST
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पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते मडुईं गांव के लोग। संवाद
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दो पुलिसकर्मियों के ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई करने का मामला
टांग में फ्रैक्चर के बाद कठुआ से पीजीआई चंडीगढ़ किया रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। मडुईं गांव के लोगों का गुस्सा शुक्रवार को पुलिस के खिलाफ फूट पड़ा। दरअसल स्थानीय ई-रिक्शा चालक कमल किशोर की टांग में फ्रैक्चर के बाद उसे कठुआ से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इसके बाद लोग पुलिस विभाग के खिलाफ भड़क उठे।
शुक्रवार सुबह 10:00 बजे पीड़ित ई-रिक्शा चालक के परिजन और स्थानीय सैकड़ों लोग बिलावर के नाज पुल पर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों प्रदर्शनकारी पुल पर बैठ गए। इसकी वजह से पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और जाम की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मल्हार पुलिस थाने के अंतर्गत तैनात दो पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की। इसके उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। बिलावर में प्राथमिक उपचार के बाद उसे कठुआ रेफर कर दिया गया। कठुआ में भी उसका इलाज नहीं हो पाया अब उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि जिन दो पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक को बेरहमी से पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण पुलिस की कार्य प्रणाली के खिलाफ रोष है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि जिस ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की गई है वह एक गरीब परिवार से संबंध रखता है। उसी पर उसकी विधवा मां और उसका भाई निर्भर हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ई-रिक्शा चालक का इलाज करवाए। सुबह 10:00 से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन दोपहर 12:00 बजे तक जारी रहा। इसकी वजह से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम की स्थिति से अपने-अपने गंतव्य की तरफ आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर 12:00 बजे सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर बिलावर नीरज पडियार और थाना प्रभारी जाहिर मुश्ताक मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मडुईं गांव के लोग वापस घरों की तरफ लौट गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर दोनों दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोग एक बार फिर पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
कोट
ई-रिक्शा चालक के परिजन की लिखित शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज पडियार, एसडीपीओ
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टांग में फ्रैक्चर के बाद कठुआ से पीजीआई चंडीगढ़ किया रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। मडुईं गांव के लोगों का गुस्सा शुक्रवार को पुलिस के खिलाफ फूट पड़ा। दरअसल स्थानीय ई-रिक्शा चालक कमल किशोर की टांग में फ्रैक्चर के बाद उसे कठुआ से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इसके बाद लोग पुलिस विभाग के खिलाफ भड़क उठे।
शुक्रवार सुबह 10:00 बजे पीड़ित ई-रिक्शा चालक के परिजन और स्थानीय सैकड़ों लोग बिलावर के नाज पुल पर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों प्रदर्शनकारी पुल पर बैठ गए। इसकी वजह से पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और जाम की स्थिति बन गई।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मल्हार पुलिस थाने के अंतर्गत तैनात दो पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की। इसके उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। बिलावर में प्राथमिक उपचार के बाद उसे कठुआ रेफर कर दिया गया। कठुआ में भी उसका इलाज नहीं हो पाया अब उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि जिन दो पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक को बेरहमी से पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण पुलिस की कार्य प्रणाली के खिलाफ रोष है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि जिस ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की गई है वह एक गरीब परिवार से संबंध रखता है। उसी पर उसकी विधवा मां और उसका भाई निर्भर हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ई-रिक्शा चालक का इलाज करवाए। सुबह 10:00 से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन दोपहर 12:00 बजे तक जारी रहा। इसकी वजह से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम की स्थिति से अपने-अपने गंतव्य की तरफ आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर 12:00 बजे सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर बिलावर नीरज पडियार और थाना प्रभारी जाहिर मुश्ताक मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मडुईं गांव के लोग वापस घरों की तरफ लौट गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर दोनों दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय लोग एक बार फिर पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
कोट
ई-रिक्शा चालक के परिजन की लिखित शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज पडियार, एसडीपीओ
