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Kathua News: खिलाड़ी कंवलप्रीत और सरबजीत का स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:39 AM IST
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सरबजीत को हीरानगर पहुंचने पर स्वागत करते हीरानगर विधायक और स्थानीय लोगजागरूक पाठक
- फोटो : samvad
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हीरानगर मोड़ और कठुआ शहर में निकाली गईं जश्न की रैलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम शानदार जीत का परचम लहराकर लौटे टीम के खिलाड़ी कंवलजीत सिंह सनम और टीम के चयनकर्ता सरबजीत सिंह का जिले में भव्य स्वागत हुआ।
टीम ने 67 साल बाद इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम किया है। शाम पांच बजे के लगभग हीरानगर निवासी और जेकेसीएए के टीम चयनकर्ता सरबजीत सिंह अपने घर लौटे तो माहौल जश्न का था। हीरानगर मोड़ पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सरबजीत को हीरानगर का गौरव बताते हुए ढोल नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया।
भारी भीड़ ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया और उनके सम्मान में नारे लगाए। लोगों ने सरबजीत सिंह को ओपन गाड़ी में बिठाकर घर तक ले जाया जहां समर्थकों ने अपनी खुशियां साझा कीं। सरबजीत ने कहा कि
जम्मू-कश्मीर द्वारा जीती गई रणजी ट्रॉफी की अहमियत का सही अंदाजा लगाना आसान नहीं है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में छह दशक लग गए। एक समय था जब जम्मू-कश्मीर में खेल का स्तर काफी नीचे था। खेल का बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) सीमित था, मैदानों की कमी थी और संगठन के कार्य करने की व्यवस्था भी पहले की अपेक्षा कमजोर थी।
केंद्र में वर्तमान सरकार के आने के बाद जम्मू-कश्मीर में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। जब जय शाह बीसीसीआई के अध्यक्ष बने, तो वे जम्मू-कश्मीर आए। यहां आकर उन्होंने देखा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संगठनात्मक कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समितियों का गठन किया। इसी क्रम में वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास को क्रिकेट संचालन की जिम्मेदारी दी गई तथा ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता को क्रिकेट प्रशासक नियुक्त किया गया। पिछले पांच वर्षों में इन सभी ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत की है और उनका योगदान सराहनीय रहा है। कहा कि इन सब प्रयासों के बावजूद वे सबसे बड़ा श्रेय खिलाड़ियों को देना चाहते हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और मैदान पर शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही आज हम यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर पाए हैं। इस मौके पर विधायक एडवोकेट विजय शर्मा, संजय शर्मा, कमल शर्मा, मदन शर्मा आदि मौजूद रहे। उन्होंने भी इसे हीरानगर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
......................
कठुआ पहुंचते ही गुरूद्वारा सिंह सभा में शीष नवाया
कंवलजीत सिंह के समर्थकों का शहर में उमड़ा सैलाब
कठुआ। रणजी ट्रॉफी के क्रिकेट खिलाड़ी कवलप्रीत सिंह का वार्ड नंबर 08, कठुआ में आगमन हुआ। उनके आगमन पर स्थानीय निवासियों, युवाओं, क्रिकेट प्रेमियों तथा कठुआ नगर के कुछ राजनीतिक नेताओं विशेषकर उनके पैतृक वार्ड सेद्वारा उनका गर्मजोशी और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। शहीदी चौक में उनका हार फूलमालाओं के साथ स्वागत हुआ। इसके बाद ढोल नगाड़ों पर एक जश्न रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंची। यहां कमलप्रीत सिंह सनम ने शीश नवाकर आभार प्रकट किया।
सनम ने कहा कि इतना बड़ा मौका मिले इसके लिए सबसे पहले वे शुक्रगुजार हैं। 67 साल बाद की यह जीत शब्दों में ब्यान करने लायक नहीं है। कोच और प्लेयर सभी ने मिलकर मेहनत की और जीत की ओर बढ़ते चले गए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया के वे नशे से दूर रहे हैं। और खेलों में आगे बढ़कर अपने माता पिता का भी नाम रोशन करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम शानदार जीत का परचम लहराकर लौटे टीम के खिलाड़ी कंवलजीत सिंह सनम और टीम के चयनकर्ता सरबजीत सिंह का जिले में भव्य स्वागत हुआ।
टीम ने 67 साल बाद इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम किया है। शाम पांच बजे के लगभग हीरानगर निवासी और जेकेसीएए के टीम चयनकर्ता सरबजीत सिंह अपने घर लौटे तो माहौल जश्न का था। हीरानगर मोड़ पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सरबजीत को हीरानगर का गौरव बताते हुए ढोल नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया।
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भारी भीड़ ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया और उनके सम्मान में नारे लगाए। लोगों ने सरबजीत सिंह को ओपन गाड़ी में बिठाकर घर तक ले जाया जहां समर्थकों ने अपनी खुशियां साझा कीं। सरबजीत ने कहा कि
जम्मू-कश्मीर द्वारा जीती गई रणजी ट्रॉफी की अहमियत का सही अंदाजा लगाना आसान नहीं है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में छह दशक लग गए। एक समय था जब जम्मू-कश्मीर में खेल का स्तर काफी नीचे था। खेल का बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) सीमित था, मैदानों की कमी थी और संगठन के कार्य करने की व्यवस्था भी पहले की अपेक्षा कमजोर थी।
केंद्र में वर्तमान सरकार के आने के बाद जम्मू-कश्मीर में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। जब जय शाह बीसीसीआई के अध्यक्ष बने, तो वे जम्मू-कश्मीर आए। यहां आकर उन्होंने देखा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन संगठनात्मक कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समितियों का गठन किया। इसी क्रम में वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास को क्रिकेट संचालन की जिम्मेदारी दी गई तथा ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता को क्रिकेट प्रशासक नियुक्त किया गया। पिछले पांच वर्षों में इन सभी ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को ऊंचाई पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत की है और उनका योगदान सराहनीय रहा है। कहा कि इन सब प्रयासों के बावजूद वे सबसे बड़ा श्रेय खिलाड़ियों को देना चाहते हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और मैदान पर शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही आज हम यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर पाए हैं। इस मौके पर विधायक एडवोकेट विजय शर्मा, संजय शर्मा, कमल शर्मा, मदन शर्मा आदि मौजूद रहे। उन्होंने भी इसे हीरानगर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
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कठुआ पहुंचते ही गुरूद्वारा सिंह सभा में शीष नवाया
कंवलजीत सिंह के समर्थकों का शहर में उमड़ा सैलाब
कठुआ। रणजी ट्रॉफी के क्रिकेट खिलाड़ी कवलप्रीत सिंह का वार्ड नंबर 08, कठुआ में आगमन हुआ। उनके आगमन पर स्थानीय निवासियों, युवाओं, क्रिकेट प्रेमियों तथा कठुआ नगर के कुछ राजनीतिक नेताओं विशेषकर उनके पैतृक वार्ड सेद्वारा उनका गर्मजोशी और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। शहीदी चौक में उनका हार फूलमालाओं के साथ स्वागत हुआ। इसके बाद ढोल नगाड़ों पर एक जश्न रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंची। यहां कमलप्रीत सिंह सनम ने शीश नवाकर आभार प्रकट किया।
सनम ने कहा कि इतना बड़ा मौका मिले इसके लिए सबसे पहले वे शुक्रगुजार हैं। 67 साल बाद की यह जीत शब्दों में ब्यान करने लायक नहीं है। कोच और प्लेयर सभी ने मिलकर मेहनत की और जीत की ओर बढ़ते चले गए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया के वे नशे से दूर रहे हैं। और खेलों में आगे बढ़कर अपने माता पिता का भी नाम रोशन करें।