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Kathua News: एआई, स्किल्स और साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:47 AM IST
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शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के लिए सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म का होना जरूरी : संदीप डडवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। आज की तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्किल-बेस्ड एजुकेशन अब आधुनिक शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को शुरुआती कक्षाओं से ही डिजिटल स्किल्स और एआई टूल्स से परिचित कराना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
वरिष्ठ शिक्षाविद और सीबीएसई के मान्यता प्राप्त रिसोर्स पर्सन संदीप डडवाल का कहना है कि एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं है बल्कि यह एक शक्तिशाली सहयोगी है। एआई टूल्स से शिक्षक अपनी पढ़ाई को और अधिक रोचक, इंटरैक्टिव और प्रभावशाली बना सकते हैं। उनका मानना है कि डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट में महारत हासिल करना भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
एआई आधारित टूल्स से विजुअल और इंटरैक्टिव कंटेंट तैयार किया जा सकता है, जिससे छात्रों की समझ और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह तकनीक शिक्षकों को पढ़ाई को अधिक आकर्षक और सार्थक बनाने में मदद करती है।
संदीप धदवाल एनसीईआरटी और सीआईईटी (भारत सरकार) के साइबर सुरक्षा मास्टर ट्रेनर भी हैं। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं को अपनाने की अपील की। हाल ही में मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल द्वारा आयोजित ट्रेनर अपस्किलिंग प्रोग्राम में संदीप डडवाल ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में एआई टूल्स, डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट, कंपोजिशन मेथड्स और नवरस की अवधारणा पर प्रशिक्षण दिया गया। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षा को और अधिक रचनात्मक और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। 24 वर्षों के अनुभव के साथ आर्मी पब्लिक स्कूल में वरिष्ठ शिक्षक संदीप डडवाल का कहना है कि शिक्षकों को तकनीक से आगे रहना चाहिए। भविष्य की शिक्षा तकनीक, रचनात्मकता और स्किल्स पर आधारित होगी और यही अगली पीढ़ी को तैयार करेगी।
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कठुआ। आज की तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्किल-बेस्ड एजुकेशन अब आधुनिक शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को शुरुआती कक्षाओं से ही डिजिटल स्किल्स और एआई टूल्स से परिचित कराना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
वरिष्ठ शिक्षाविद और सीबीएसई के मान्यता प्राप्त रिसोर्स पर्सन संदीप डडवाल का कहना है कि एआई शिक्षकों का विकल्प नहीं है बल्कि यह एक शक्तिशाली सहयोगी है। एआई टूल्स से शिक्षक अपनी पढ़ाई को और अधिक रोचक, इंटरैक्टिव और प्रभावशाली बना सकते हैं। उनका मानना है कि डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट में महारत हासिल करना भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
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एआई आधारित टूल्स से विजुअल और इंटरैक्टिव कंटेंट तैयार किया जा सकता है, जिससे छात्रों की समझ और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह तकनीक शिक्षकों को पढ़ाई को अधिक आकर्षक और सार्थक बनाने में मदद करती है।
संदीप धदवाल एनसीईआरटी और सीआईईटी (भारत सरकार) के साइबर सुरक्षा मास्टर ट्रेनर भी हैं। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों से सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं को अपनाने की अपील की। हाल ही में मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल द्वारा आयोजित ट्रेनर अपस्किलिंग प्रोग्राम में संदीप डडवाल ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में एआई टूल्स, डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट, कंपोजिशन मेथड्स और नवरस की अवधारणा पर प्रशिक्षण दिया गया। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षा को और अधिक रचनात्मक और प्रभावशाली बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। 24 वर्षों के अनुभव के साथ आर्मी पब्लिक स्कूल में वरिष्ठ शिक्षक संदीप डडवाल का कहना है कि शिक्षकों को तकनीक से आगे रहना चाहिए। भविष्य की शिक्षा तकनीक, रचनात्मकता और स्किल्स पर आधारित होगी और यही अगली पीढ़ी को तैयार करेगी।