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Kathua News: इमरजेंसी मरीजों को ही मिल रही अल्ट्रासाउंड सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:10 AM IST
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जीएमसी कठुआ में अल्ट्रा साउंड करवाने के लिए अपनी बारीका इंतजार करते लोग। संवाद
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- मंजूर पद सात, पांच खाली, दो रेडियोलॉजिस्ट दिन और रात में दे रहे सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकार ने जीएमसी में चार-चार अल्ट्रासाउंड की मशीनें तो उपलब्ध करवा दी लेकिन स्टाफ की कमी अब तक बनी हुई है। हालात यह हैं कि मंजूर फैकल्टी और सीनियर रेजीडेंट के कुल सात में से पांच पद रिक्त पड़े हैं। इनमें मौजूद दो रेडियोलॉजिस्ट में से एक दिन और दूसरा रात में सेवाएं दे रहा है। ऐसे में केवल इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड सेवा का लाभ मिल पा रहा है।
जीएमसी कठुआ में पिछले तीन दिनों से रुटीन में पहुंचने वाले और आईपीडी के मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जीएमसी कठुआ के न्यू ब्लॉक में पेट की समस्या के कारण भर्ती बिलावर निवासी बुजुर्ग के परिजन ने बताया कि उन्होंने मरीज को उपचार के लिए तीन दिन पहले भर्ती करवाया था। इस दौरान डॉक्टर की ओर से बताई सभी जांच हो चुकी है लेकिन अल्ट्रासाउंड निजी क्लीनिक से करवाना पड़ेगा। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए तैनात एकमात्र डॉक्टर होने के कारण उन्हें इमरजेंसी सेवाओं तक ही सीमित कर दिया है।
कुछ ऐसा ही हाल 300 बेड वाले इस स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आने वाले मरीजों का है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सभी निजी क्लीनिकों में जा रहे हैं। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा करने वाले मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है जबकि कई मरीज जांच के लिए अस्पताल में इंतजार करने को मजबूर हैं।
बता दें कि जीएमसी कठुआ के रेडियोलॉजी विभाग में कुल चार अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं जिनमें से एक ऑपरेशन थियेटर में स्थापित है और तीन अन्य सामान्य जांच के लिए हैं। विभाग में तीन फैकल्टी डॉक्टर और चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में दो फैकल्टी और तीन सीनियर रेजिडेंट के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में यदि मौजूद डॉक्टर अवकाश पर चले जाएं तो सेवा प्रभावित हो जाती है।
................
रेडियोलॉजी विभाग में स्टाफ की समस्या लगातार बनी हुई है। दो डॉक्टरों के अवकाश पर जाने से सेवा प्रभावित हुई है हालांकि गंभीर मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच जारी है। सोमवार से सामान्य मरीजों के लिए भी अल्ट्रासाउंड सेवा सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएगी।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य, जीएमसी कठुआ
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कठुआ। सरकार ने जीएमसी में चार-चार अल्ट्रासाउंड की मशीनें तो उपलब्ध करवा दी लेकिन स्टाफ की कमी अब तक बनी हुई है। हालात यह हैं कि मंजूर फैकल्टी और सीनियर रेजीडेंट के कुल सात में से पांच पद रिक्त पड़े हैं। इनमें मौजूद दो रेडियोलॉजिस्ट में से एक दिन और दूसरा रात में सेवाएं दे रहा है। ऐसे में केवल इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड सेवा का लाभ मिल पा रहा है।
जीएमसी कठुआ में पिछले तीन दिनों से रुटीन में पहुंचने वाले और आईपीडी के मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जीएमसी कठुआ के न्यू ब्लॉक में पेट की समस्या के कारण भर्ती बिलावर निवासी बुजुर्ग के परिजन ने बताया कि उन्होंने मरीज को उपचार के लिए तीन दिन पहले भर्ती करवाया था। इस दौरान डॉक्टर की ओर से बताई सभी जांच हो चुकी है लेकिन अल्ट्रासाउंड निजी क्लीनिक से करवाना पड़ेगा। यहां अल्ट्रासाउंड के लिए तैनात एकमात्र डॉक्टर होने के कारण उन्हें इमरजेंसी सेवाओं तक ही सीमित कर दिया है।
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कुछ ऐसा ही हाल 300 बेड वाले इस स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती मरीजों और ओपीडी में आने वाले मरीजों का है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सभी निजी क्लीनिकों में जा रहे हैं। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा करने वाले मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है जबकि कई मरीज जांच के लिए अस्पताल में इंतजार करने को मजबूर हैं।
बता दें कि जीएमसी कठुआ के रेडियोलॉजी विभाग में कुल चार अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध हैं जिनमें से एक ऑपरेशन थियेटर में स्थापित है और तीन अन्य सामान्य जांच के लिए हैं। विभाग में तीन फैकल्टी डॉक्टर और चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में दो फैकल्टी और तीन सीनियर रेजिडेंट के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में यदि मौजूद डॉक्टर अवकाश पर चले जाएं तो सेवा प्रभावित हो जाती है।
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रेडियोलॉजी विभाग में स्टाफ की समस्या लगातार बनी हुई है। दो डॉक्टरों के अवकाश पर जाने से सेवा प्रभावित हुई है हालांकि गंभीर मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच जारी है। सोमवार से सामान्य मरीजों के लिए भी अल्ट्रासाउंड सेवा सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएगी।
- डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य, जीएमसी कठुआ