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Kathua News: अब बरसात में नहीं ठप होगा बनी-बसोहली मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:54 AM IST
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बीआरओ ने पूरा किया सूखा नाला पर ढलान स्थली करण का कामसंवाद
- फोटो : samvad
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सूखा नाला ढलान स्थलीकरण का काम हुआ पूरा
13 करोड़ की परियोजना से बसोहली-बनी-भद्रवाह मार्ग पर सफर होगा सुगम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी-बसोहली मार्ग पर बरसात के मौसम में अक्सर सूखा नाला से आने वाले मलबे के कारण घंटों यातायात बाधित रहता था। अब यह समस्या खत्म होने जा रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 69 आरसीसी ने सूखा नाला की ढलान स्थलीकरण का काम पूरा कर लिया है।
13 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य में पहाड़ से आने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए जाल बांधे गए हैं और नाले में विशेष अवरोधक लगाए गए हैं। इससे बरसात के दौरान मलबा सीधे सड़क पर नहीं आएगा और वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी। काम तय अवधि में पूरा कर लिया गया है। स्थानीय लोगों के लिए यह परियोजना राहत की सांस लेकर आई है। अब बनी-बसोहली और भद्रवाह के बीच सफर आसान होगा। साथ ही यह मार्ग सीधे जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से जुड़कर व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी बड़ा सहारा बनेगा। अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण की नई योजना भी तैयार की जा रही है, लेकिन उससे पहले यह कार्य बेहद जरूरी था। ढलान स्थलीकरण पूरा होने से आने वाले बरसात के मौसम में यातायात ठप होने की समस्या से निजात मिलेगी।
शीतलनगर और बनी के बीच पड़ते इस नाले की वजह से कई बार आपात स्थिति में मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पाईं। कई-कई घंटों तक बनी-बसोहली के बीच संपर्क कट जाता था। बीआरओ की ओर से कुछ साल पहले पुल निर्माण का काम शुरू किया गया लेकिन किन्हीं कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया। अब पुल निर्माण से पहले ढलान स्थलीकरण का काम किया गया है।
शीतलनगर की ओर से जाते समय सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले मलबे को रोकने के लिए जाला बांधा गया है। उधर, नाले में भी मलबे के लिए अवरोधक लगाए जा रहे हैं। ऐसे में यह परियोजना न केवल सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खोलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी एक बड़ा सहारा बनेगी।
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13 करोड़ की परियोजना से बसोहली-बनी-भद्रवाह मार्ग पर सफर होगा सुगम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बनी-बसोहली मार्ग पर बरसात के मौसम में अक्सर सूखा नाला से आने वाले मलबे के कारण घंटों यातायात बाधित रहता था। अब यह समस्या खत्म होने जा रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 69 आरसीसी ने सूखा नाला की ढलान स्थलीकरण का काम पूरा कर लिया है।
13 करोड़ रुपये की लागत से किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य में पहाड़ से आने वाले भूस्खलन को रोकने के लिए जाल बांधे गए हैं और नाले में विशेष अवरोधक लगाए गए हैं। इससे बरसात के दौरान मलबा सीधे सड़क पर नहीं आएगा और वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहेगी। काम तय अवधि में पूरा कर लिया गया है। स्थानीय लोगों के लिए यह परियोजना राहत की सांस लेकर आई है। अब बनी-बसोहली और भद्रवाह के बीच सफर आसान होगा। साथ ही यह मार्ग सीधे जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से जुड़कर व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी बड़ा सहारा बनेगा। अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण की नई योजना भी तैयार की जा रही है, लेकिन उससे पहले यह कार्य बेहद जरूरी था। ढलान स्थलीकरण पूरा होने से आने वाले बरसात के मौसम में यातायात ठप होने की समस्या से निजात मिलेगी।
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शीतलनगर और बनी के बीच पड़ते इस नाले की वजह से कई बार आपात स्थिति में मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पाईं। कई-कई घंटों तक बनी-बसोहली के बीच संपर्क कट जाता था। बीआरओ की ओर से कुछ साल पहले पुल निर्माण का काम शुरू किया गया लेकिन किन्हीं कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया। अब पुल निर्माण से पहले ढलान स्थलीकरण का काम किया गया है।
शीतलनगर की ओर से जाते समय सूखा नाला से सटे पहाड़ से होने वाले मलबे को रोकने के लिए जाला बांधा गया है। उधर, नाले में भी मलबे के लिए अवरोधक लगाए जा रहे हैं। ऐसे में यह परियोजना न केवल सुविधाजनक आवागमन का रास्ता खोलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं के लिए भी एक बड़ा सहारा बनेगी।