{"_id":"697fa69c7a00bced88008a4f","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-128710-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार आरोपियों को दी सशर्त जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार आरोपियों को दी सशर्त जमानत
विज्ञापन
विज्ञापन
रास्ता रोककर धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला
कठुआ। जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रास्ता रोककर धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में चार आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोपित धाराओं को जमानती प्रकृति की माना है। उन्होंने कहा कि उनका जमानत मिलना उनका अधिकार है। इसके बाद अदालत ने आरोपियों को 20 हजार के निजी व जमानती बांड पर रिहा करने का आदेश दिया।
इसके अलावा अदालत ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार मामला बीते महीने जनवरी का है। इसमें चार आरोपी विशाल, रंजीत कुमार, तनिश और राकेश कुमार निवासी कठुआ पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता का अपराध करने के इरादे से रास्ता रोका, उसे धमकी दी और उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। आरोपियों के वकील ने बीते 20 जनवरी को कोर्ट में आवेदन जारी कर उनकी रिहाई की मांग की। आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि उसके मुव्वकिल निर्दोष है लेकिन कठुआ पुलिस ने उनको झूठे मामले में फंसाया है। वे कोर्ट की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार है।
वहीं अभियोजन पक्ष के वकील ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी की ओर से किया अपराध जघन्य है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों को नाम से नहीं पहचाना है। लिहाजा आरोपियों की पहचान परेड कराना आवश्यक है। इसके अलावा सरकारी वकील ने आशंका जताई कि यदि आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वे गवाहों को धमका सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या फरार भी हो सकते हैं। लिहाजा उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई। अदालत ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद कहा कि आरोपित धाराएं जमानती प्रकृति की है और जमानत मिलना उनका अधिकार है। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को सशर्त जमानत का आदेश सुनाया गया।
Trending Videos
कठुआ। जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रास्ता रोककर धमकाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में चार आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोपित धाराओं को जमानती प्रकृति की माना है। उन्होंने कहा कि उनका जमानत मिलना उनका अधिकार है। इसके बाद अदालत ने आरोपियों को 20 हजार के निजी व जमानती बांड पर रिहा करने का आदेश दिया।
इसके अलावा अदालत ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया है। कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार मामला बीते महीने जनवरी का है। इसमें चार आरोपी विशाल, रंजीत कुमार, तनिश और राकेश कुमार निवासी कठुआ पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता का अपराध करने के इरादे से रास्ता रोका, उसे धमकी दी और उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। आरोपियों के वकील ने बीते 20 जनवरी को कोर्ट में आवेदन जारी कर उनकी रिहाई की मांग की। आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि उसके मुव्वकिल निर्दोष है लेकिन कठुआ पुलिस ने उनको झूठे मामले में फंसाया है। वे कोर्ट की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं अभियोजन पक्ष के वकील ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी की ओर से किया अपराध जघन्य है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों को नाम से नहीं पहचाना है। लिहाजा आरोपियों की पहचान परेड कराना आवश्यक है। इसके अलावा सरकारी वकील ने आशंका जताई कि यदि आरोपियों को जमानत दी जाती है तो वे गवाहों को धमका सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या फरार भी हो सकते हैं। लिहाजा उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई। अदालत ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद कहा कि आरोपित धाराएं जमानती प्रकृति की है और जमानत मिलना उनका अधिकार है। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को सशर्त जमानत का आदेश सुनाया गया।
